आगरा में लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर विषय पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में MSME सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और आगरा के औद्योगिक विकास पर फोकस रहा।
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मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यूपी सरकार MSME और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “विरासत से विकास तक” की थीम आगरा की औद्योगिक पहचान को सही तरीके से दिखाती है।

लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर आगरा के जूता और पेठे पर चर्चा
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू और यूपी लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष व लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री राकेश गर्ग ने की।
जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा-लघु उद्योग भारती 33 साल से राष्ट्रहित और उद्योगहित में MSME को संगठित कर रही है। 1993-94 में आर्थिक उदारीकरण के समय छोटे उद्योगों के संघर्ष के बीच राष्ट्रवादी उद्यमियों ने संगठन की नींव रखी थी। आज यह 27 राज्यों और सैकड़ों जिलों में 70 हजार से ज्यादा उद्यमियों की आवाज है।
उन्होंने TTZ की बाध्यताओं और उद्योगों की चुनौतियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाधान के लिए संगठन हर स्तर पर सक्रिय है और जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
विरासत से विकास तक सत्र में जूता-लेदर, पेठा, मार्बल-स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री-इंजीनियरिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग समेत MSME सेक्टर के इतिहास, चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि अगर पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, निर्यात प्रोत्साहन और नवाचार से जोड़ा जाए तो आगरा देश का सबसे बड़ा MSME मॉडल बन सकता है।