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बरेली में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने शिकायत के आधार पर मठ की चौकी के पास स्थित गोयल फूड्स के गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान 249 टीन रिफाइंड सोयाबीन तेल में लेबल संबंधी गंभीर खामियां मिलने पर पूरी खेप सीज कर दी गई। टीम ने तीन अ
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लाइसेंस वाले पते पर नहीं चल रहा था कारोबार कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश और DM के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय राहुल सिंह के नेतृत्व में की गई। निरीक्षण के समय खाद्य कारोबारकर्ता और जीएसटी विभाग की टीम भी मौजूद रही। जांच में पता चला कि गोयल फूड्स का फूड लाइसेंस ब्रह्मपुरा, प्रेमनगर स्थित पते पर जारी है, लेकिन वहां कोई काम नहीं हो रहा। वर्तमान में रीपैकिंग का काम मठ की चौकी के पास मजदूरों के अड्डे के निकट स्थित गोदाम में किया जा रहा था।
तीन ब्रांड के तेल के नमूने लिए निरीक्षण के दौरान चारमीनार ब्रांड के 15 किलो वाले 153 टीन, न्यूट्री गोल्ड ब्रांड के 53 टीन और विता गोल्ड ब्रांड के 43 टीन मिले। तीनों ब्रांड के एक-एक नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
लेबल पर मिली खामियां जांच में पाया गया कि कुल 249 टीनों के लेबल पर निर्माता का पूरा पता दर्ज नहीं था। लेबल पर केवल “गोयल फूड्स, बरेली” लिखा था, जबकि बैच नंबर भी अंकित नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए सभी 249 टीन सीज कर दिए गए।
5.59 लाख रुपये का माल सीज नमूना संग्रह के बाद शेष 3,729 किलोग्राम रिफाइंड तेल सीज किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत 5,59,350 रुपये बताई गई है। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से विश्लेषण रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान और जितेंद्र कुमार भी शामिल रहे।