सुजीत कुमार | बलरामपुर3 मिनट पहले
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बलरामपुर में भारत सरकार के ULLAS-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को मूलभूत साक्षरता और संख्याज्ञान मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। दोपहर 12 बजे जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर नवसाक्षरों और असाक्षर वयस्क शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें उम्र की परवाह किए बिना सीखने की इच्छा रखने वाले लोगों ने हिस्सा लिया।
परीक्षा में वयस्क शिक्षार्थियों की पढ़ने, लिखने और रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होने वाली बुनियादी गणितीय क्षमताओं का आकलन किया गया। परीक्षा का उद्देश्य सिर्फ यह देखना नहीं था कि शिक्षार्थी कितना पढ़ और लिख सकते हैं, बल्कि यह भी समझना था कि वे सीखी हुई साक्षरता और संख्याज्ञान का दैनिक जीवन में किस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए केंद्रों पर जरूरी इंतजाम किए गए थे। अधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, स्वयंसेवी शिक्षक और अन्य कर्मचारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग किया। केंद्रों पर पहुंचे शिक्षार्थियों को परीक्षा की प्रक्रिया समझाई गई और जरूरी सहायता दी गई।

पढ़ने-लिखने के साथ बुनियादी गणित का हुआ आकलन
ULLAS से जुड़े वयस्क शिक्षार्थियों की परीक्षा में पढ़ने, लिखने और बुनियादी संख्याज्ञान से जुड़ी क्षमताओं को परखा गया। रोजमर्रा के जीवन में होने वाले लेन-देन, जरूरी जानकारी समझने और सामान्य गणितीय काम करने जैसी क्षमताएं भी साक्षरता के व्यावहारिक इस्तेमाल से जुड़ी हैं।

सरकारी योजनाओं और जरूरी जानकारी समझने में मिलेगी मदद
साक्षरता का उद्देश्य केवल अक्षरों की पहचान और पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है। बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान से वयस्क शिक्षार्थियों को रोजमर्रा के लेन-देन, जरूरी सूचनाएं समझने और सरकारी सेवाओं व योजनाओं की जानकारी लेने में मदद मिलती है। इसके साथ ही वे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

स्कूल नहीं जा पाए वयस्कों को शिक्षा से जोड़ने की पहल
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ULLAS कार्यक्रम उन वयस्कों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है, जो किसी कारण से स्कूल नहीं जा सके। कार्यक्रम के तहत नवसाक्षरों और असाक्षर लोगों को बुनियादी शिक्षा देने के साथ लगातार सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जिले में असाक्षरों की पहचान कर साक्षरता से जोड़ने का प्रयास
जनपद में ULLAS कार्यक्रम के तहत ज्यादा से ज्यादा असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें साक्षरता से जोड़ने की कोशिश जारी है। कार्यक्रम का लक्ष्य केवल बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान तक सीमित नहीं है। वयस्क शिक्षार्थियों में लगातार सीखने की आदत विकसित करना और उन्हें दैनिक जीवन में अधिक सक्षम व आत्मनिर्भर बनाना भी इसका उद्देश्य है।
