आशीष कुमार श्रीवास्तव | रायबरेली2 मिनट पहले
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रायबरेली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में 22 जून को दर्द चिकित्सा ओपीडी (Pain Medicine OPD) का शुभारंभ किया गया। एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग द्वारा शुरू की गई यह ओपीडी तीव्र और दीर्घकालिक दर्द से पीड़ित रोगियों को विशेषज्ञ, समग्र और आधुनिक दर्द प्रबंधन सेवाएं प्रदान करेगी।
इस ओपीडी का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने किया।
इस अवसर पर डीन परीक्षा डॉ. प्रगति गर्ग, डीन अनुसंधान डॉ. अर्चना वर्मा, उप निदेशक प्रशासन कर्नल अखिलेश सिंह, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुमार धर्मेन्द्र सिंह और एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. जमील अब्दुल अलीम सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
बड़ी संख्या में रोगी प्रभावित
विश्वभर में दर्द विकलांगता और जीवन की गुणवत्ता में कमी का एक प्रमुख कारण है। कमर दर्द, गर्दन दर्द, कैंसर जनित दर्द, नसों का दर्द (न्यूरोपैथिक पेन), जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द, तथा ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द जैसी समस्याओं से बड़ी संख्या में रोगी प्रभावित होते हैं। यह ओपीडी ऐसे मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
इस ओपीडी में विभिन्न प्रकार के दर्द के लिए सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें दीर्घकालिक कमर एवं गर्दन दर्द का मूल्यांकन एवं उपचार, कैंसर जनित दर्द प्रबंधन, न्यूरोपैथिक दर्द का उपचार, जोड़ों एवं मांसपेशियों के दर्द का प्रबंधन, पेलिएटिव केयर में दर्द नियंत्रण, पोस्ट-सर्जिकल एवं पोस्ट-ट्रॉमेटिक दर्द का उपचार, और जटिल एवं दीर्घकालिक दर्द रोगियों का समग्र मूल्यांकन शामिल है।
इसके अतिरिक्त, उन्नत दर्द निवारक तकनीकें एवं प्रक्रियाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें अल्ट्रासाउंड एवं C-Arm निर्देशित दर्द निवारक प्रक्रियाएं, रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA), मिनिमली इनवेसिव पेन एंड स्पाइन इंटरवेंशन्स (MIPSI), पुनर्योजी चिकित्सा (जैसे PRP, GFC एवं BMAC), और बहुआयामी औषधीय एवं पुनर्वास आधारित दर्द प्रबंधन शामिल हैं।

इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने कहा कि समर्पित दर्द चिकित्सा सेवाओं की स्थापना से रोगियों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
स्वतंत्र रोग के रूप में मान्यता
उन्होंने इस पहल को संस्थान में रोगी-केंद्रित एवं सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। एनेस्थीसियोलॉजी विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. गिरीश कुमार सिंह, एमडी डीएम (दर्द चिकित्सा) ने बताया कि दीर्घकालिक दर्द को आज एक स्वतंत्र रोग के रूप में मान्यता प्राप्त है तथा इसके लिए विशेष मूल्यांकन एवं उपचार की आवश्यकता होती है।
यह नई ओपीडी रोगियों को वैज्ञानिक, साक्ष्य-आधारित एवं करुणामय दर्द प्रबंधन सेवाएं प्रदान करेगी। दर्द चिकित्सा ओपीडी में नियमित रोगी सेवाएं 23 जून 2026 से प्रारंभ होंगी। यह ओपीडी सप्ताह में तीन दिन संचालित की जाएगी।
