![]()
गाजियाबाद के निवाड़ी थाने में नगर पंचायत के कर्मचारी अमित चौधरी को हिरासत में लेने और थाने में पीटने की घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है। एक दिन पहले बागपत से आरएलडी सांसद राजकुमार सांसद ने इस मामले में सीएम योगी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। अमित की रविवार को निजी हॉस्पिटल में मौत हुई। इससे पहले घटना के तीसरे दिन निवाड़ी थाने में सैकड़ों की भीड़ ने धरना प्रदर्शन किया। अमित के भाई का कहना है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों की अरेस्टिंग नहीं होती हम चुप नहीं बैठेंगे। पुलिस हिरासत में सरकारी जीप से कूदा अमित यह है पूरा मामला निवाड़ी थाना क्षेत्र के पतला गांव निवासी अमित कुमार (32 साल) पुत्र सुभाष चौधरी नगर पंचायत में आउटसोर्सिग कर्मचारी हैं। वह पतला की चेयरमैन रीता चौधरी का ड्राइवर भी है। 7 अप्रैल की रात को अमित 3 साथियों के साथ शराब पी रहा था। इसी बीच वहां पर निवाड़ी चौकी इंचार्ज लोकेंद्र पुलिस के साथ पहुंचे, इसके बाद पुलिस अमित को हिरासत में लेकर निवाड़ी थाने ले आई। अमित के छोटे भाई सुमित ने बताया कि मैं आर्मी में हूं। मेरी दिल्ली में पोस्टिंग है। पुलिस वाले मेरे भाई को लेकर गए। पुलिस ने अमित को हवालात में बंद करके पीटा। जब उसकी तबियत खराब हो गई। तो पुलिस उसे यशोदा अस्पताल लेकर पहुंचे। भाई बोला हादसे में मौत नहीं, यह हत्या अमित के भाई सुमित और पिता सुभाष चौधरी ने कहा कि हमें 8 अप्रैल की रात रात करीब डेढ़ बजे फोन आया कि अमित की तबियत खराब है। 12 अप्रैल को अमित की मौत हुई। भाई का कहना है कि पुलिस इसे हादसे में मौत होना दिखाना चाहती है, जबकि यह हत्या है। पुलिस गैर कानूनी ढंग से अमित को थाने लेकर आई, फिर हवालात में बंद करके पीटा गया। जिससे उसकी हालत खराब हुई। इस घटना के 4 सीसीटीवी सामने आए हैं। पहला सीसीटीवी अस्पताल के बाहर का, इसमें दिख रहा है कि अस्पताल के गेट पर पुलिस की गाड़ी रुकती है। इसके बाद पीछे का दरवाजा खोलकर एक युवक भाग जाता है। वहीं दूसरे सीसीटीवी में दिख रहा है कि युवक मोहल्ले की गलियों में दौड़ रहा है। पुलिसवाले उसका पीछा कर रहे हैं। एक अन्य सीसी टीवी में युवक सड़क पार करने का प्रयास करता है, सामने ट्रक दिखाई दे रहा है। पुलिस आरोपियों को बचा रही इस पूरे मामले में निवाड़ी थाने के दरोगा लोकेंद्र कुमार, दरोगा शाहिद खान, हेड कांस्टेबल सचिन मोहन, सिपाही नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया। वहीं अमित के पिता की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। अमित के पिता का कहना है कि चारों पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए थे, लेकिन जो तहरीर हमनें दी पुलिस ने उसमें आरोपियों के नाम बचा दिए। हम इस पर जल्द ही फिर से आगे की रणनीति बना रहे हैं। अमित को इंसाफ दिलाकर रहेंगे, पूरे क्षेत्र के लोग हमारे साथ हैं। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा का कहना है कि जो तहरीर पिता ने दी थी उसी पर केस दर्ज किया गया। चारों पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं।
Source link
अमित की मौत में चारों पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग:परिवार ने कहा कि अधिकारी बचाने में जुटे, हादसे में नहीं पुलिस पिटाई से गई जान