![]()
महोबा में यूपी-एमपी सीमा पर स्थित लहचूरा बांध का जलस्तर अधिकतम सीमा तक पहुंचने के बाद खतरे को देखते हुए इसके दो फाटक खोल दिए गए हैं। बांध से 24 घंटे में तकरीबन 7700 क्यूसेक पानी धसान नदी में डिस्चार्ज किया गया है, जिससे बेतवा नदी का जलस्तर भी बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षा के मद्देनजर नदी किनारे बसे 15 गांवों में अलर्ट जारी कर मुनादी कराई गई है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर महोबा जिले में स्थित लहचूरा बांध का जलस्तर अचानक बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है। झांसी के बांधों से लगातार आ रहे पानी के कारण लहचूरा बांध पूरी तरह लबालब हो चुका है। जलस्तर अधिकतम सीमा पर पहुंच गया बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर है और वर्तमान में इसका जलस्तर इसी अधिकतम सीमा पर पहुंच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बांध के दो फाटक डेढ़ फीट की ऊंचाई तक खोलकर 24 घंटे के भीतर करीब 7700 क्यूसेक पानी धसान नदी में डिस्चार्ज किया है। यह पानी आगे चलकर हमीरपुर से गुजरी बेतवा नदी में मिलेगा, जिससे बेतवा का जलस्तर भी बढ़ने की पूरी संभावना है। इसके अलावा, अर्जुन सहायक नहर में भी 400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो चरखारी के अर्जुन बांध तक पहुंचेगा। बांध पर लगातार नजर रखी सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रामआसरे के मुताबिक, बांध पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर दो घंटे पर जलस्तर की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। वहीं एडीएम इंद्रनंदन सिंह ने बताया कि संभावित खतरे को भांपते हुए धसान नदी के आसपास स्थित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुल 15 गांवों में मुनादी कराकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। महोबा के लिलवा,काशीपुरा,बीहट, नगारा घाट, कोटरा, रिपनौर, नगाराघाट, स्योढ़ी, धरवार और सलैया के अलावा झांसी जिले के असपुरा, झारखंड ,लहचूरा, बरौडा, सुजातपुर गांवों में प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के करीब न जाने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
Source link
महोबा में लहचूरा बांध के 2 फाटक खोले:24 घंटे में धसान नदी में छोड़ा 7700 क्यूसेक पानी, 15 गांवों में अलर्ट