UPI पर MDR शुल्क के विरोध में हनुमान चालीसा:कानपुर में 50 जिलों के व्यापारी मंदिर में एकजुट होकर पढ़ा चालीसा का पाठ


यूपीआई पर पर्सन-टु-मर्चेंट (P2M) लेनदेन में प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी अभियान चलाया। इसके तहत किदवईनगर संकटमोचन हनुमान मंदिर में व्यापारियों ने सामूहिक रूप से 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद हाथों में पोस्टर लेकर UPI पर MDR शुल्क मंजूर नहीं-मंजूर नहीं” के नारे लगाए और शुल्क वापस लेने की मांग की। इसमें कानपुर के साथ ही आसपास 50 जिलों के व्यापारियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। यूपीआई पर एमडीआर शुल्क को लेकर व्यापारियों में चिंता प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि 15 अक्टूबर से 2 हजार से अधिक के P2M-UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में चिंता है। उन्होंने कहा कि MDR पर 18 प्रतिशत GST जुड़ने से प्रभावी शुल्क 0.472 प्रतिशत हो जाएगा। उनके मुताबिक इससे व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है और खासकर कम मार्जिन वाले कारोबार पर असर पड़ सकता है। मिश्र ने कहा कि UPI और डिजिटल भुगतान अब व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि कुछ व्यापारी डिजिटल भुगतान के बजाय नकद भुगतान को प्राथमिकता देने लगे हैं और ग्राहकों से भी नकद भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली और त्योहारी सीजन में कारोबार बढ़ता है। ऐसे समय में अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों और ग्राहकों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। सरकार को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए MDR शुल्क की व्यवस्था वापस लेनी चाहिए। व्यापारियों का दावा- अप्रत्यक्ष बोझ ग्राहकों पर पड़ेगा जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि व्यापारी किसी भी अतिरिक्त लागत को अपनी व्यापारिक लागत में शामिल करने का प्रयास करेगा। इसका अप्रत्यक्ष बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि MDR लागू होने से कैशलेस और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। बुंदेलखंड से आए प्रदेश संगठन महामंत्री बनवारीलाल गुप्ता ने कहा कि UPI पर MDR शुल्क से ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार की प्रतिस्पर्धा तथा व्यापारियों की लागत प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि शुल्क वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश में आंदोलन और तेज किया जाएगा। मार्बल कारोबारियों ने भी जताई चिंता किदवईनगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक शुक्ला ने कहा कि मार्बल समेत होलसेल कारोबार में मार्जिन पहले से कम है। ऐसे में MDR शुल्क का अतिरिक्त बोझ व्यापारियों के लिए नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने शुल्क वापस लेने की मांग की। दक्षिण उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमल उत्तम ने कहा कि इसका असर छोटे दुकानदारों, रिटेल कारोबारियों और रोजमर्रा के व्यापारिक लेनदेन पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जब सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है तो ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे व्यापारी और ग्राहक बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के डिजिटल भुगतान कर सकें। प्रदर्शन में ये प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे कार्यक्रम में किदवईनगर उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री राजकुमार गुप्ता, युवा अध्यक्ष विनायक पोद्दार, महामंत्री बालकृष्ण गुप्ता व सुबोध पांडे, युवा वरिष्ठ महामंत्री प्रखर श्रीवास्तव, जिला संयुक्त महामंत्री केके गुप्ता, विजय शुक्ला, पवनस गौड़, जयकुमार शर्मा टीटू, नीरज शुक्ला, अरविंद गुप्ता, मोहन त्रिपाठी, प्रवीण कपूर, विजय शर्मा, भोला मिश्रा, राजन वाजपेयी, संजय गुप्ता, शरद गुप्ता, अनुराग गुप्ता, विवेक गुप्ता, सुरेंद्र मिश्रा, राकेश गुप्ता, प्रभुशंकर गुप्ता, आशीष श्रीवास्तव, श्याम दीक्षित, आशीष अग्रवाल, देवराज जोशी, प्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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