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एटा में विशेष न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मंगलवार को उसे 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 83 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। पीड़िता को 60 हजार रुपए प्रतिकर देने का आदेश भी दिया गया है। 2020 में दर्ज हुई थी FIR मामला वर्ष 2020 का है। किशोरी की मां की लिखित शिकायत पर वासिफ उर्फ पंचोली, आसिफ और आरिफ के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। शिकायत में 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। शादी का झांसा देने का आरोप शिकायत के अनुसार आरोपी वासिफ मौका पाकर घर में घुसा था। आरोप है कि उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद शादी का झांसा देकर उसका शोषण करने का आरोप लगाया गया। किशोरी के गर्भवती होने पर तस्वीरों के जरिए उस पर दबाव बनाने का भी आरोप था। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा की अदालत में लंबे समय से चल रही थी। कोर्ट ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद वासिफ उर्फ पंचोली पुत्र लम्बा अब्बासी उर्फ रसीद को दोषी करार दिया। पीड़िता को 60 हजार रुपए प्रतिकर का आदेश कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 83 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। न्यायालय ने पीड़िता को 60 हजार रुपए प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश दिया है।
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दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा:कोर्ट ने 83 हजार का जुर्माना लगाया, पीड़िता को 60 हजार मिलेंगे