अवकाश के दिन खुली धनीपुर मंडी:अलीगढ़ में शनिवार को बारिश से थमा कारोबार रविवार को पटरी पर आया,चारों तरफ धान से भरी मंडी


शनिवार की बारिश से धनीपुर मंडी में थमा धान का कारोबार रविवार को अवकाश के बावजूद फिर शुरू हो गया। किसानों का माल मंडी में पहले से खड़ा होने के कारण रविवार सुबह मंडी खोल दी गई। इसके बाद शनिवार को पहुंचे धान की बिक्री और तुलाई का काम शुरू हुआ, जो दोपहर बाद तक जारी रहा। मंडी में जहां एक ओर धान की तुलाई और बिक्री चलती रही, वहीं बारिश में नमी पकड़ चुके माल को किसान और मजदूर धूप में फैलाकर सुखाते नजर आए। माल सूखने के बाद ही उसकी बिक्री कराई जा रही है।
रविवार को मंडी का नजारा पूरी तरह धान के कारोबार से भरा रहा। चारों तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, ट्रक और बोरियों में धान दिखाई दिया। कहीं किसान अपने माल की बोली लगने का इंतजार करते नजर आए तो कहीं मजदूर बोरियां उठाने, धान फैलाने और तुलाई के काम में जुटे रहे। मंडी परिसर में जगह-जगह धान को फैलाकर सुखाया जा रहा था। जिस माल में बारिश के कारण थोड़ी नमी आ गई थी, उसे पहले सुखाने के बाद बिक्री के लिए लगाया गया।
शनिवार को बारिश के दौरान करीब 50 से 60 हजार बोरी धान मंडी पहुंचा था। इसके अलावा 700 से ज्यादा ट्रक और ट्रैक्टरों में भी माल खड़ा हो गया था। बारिश तेज होने के कारण बिक्री और तुलाई का काम रोकना पड़ा। जो धान मंडी परिसर में उतर चुका था, उसे तिरपाल से ढक दिया गया, जबकि ट्रकों और ट्रैक्टरों में खड़े माल को भी ढककर रखा गया। इससे किसानों का माल मंडी में ही अटक गया था।
रविवार को सिर्फ पुराने माल की बिक्री-तुलाई
माल मंडी में रुका होने के कारण मंडी प्रबंधन, आढ़तियों की संरक्षक कमेटी और किसानों की सहमति से रविवार को मंडी खोलने का निर्णय लिया गया। सुबह से ही शनिवार को पहुंचे धान की बिक्री और तुलाई शुरू करा दी गई। रविवार को नया माल मंडी में नहीं लिया गया। पूरा जोर पहले से खड़े माल की बिक्री, तुलाई और निकासी पर रहा।
अच्छी क्वालिटी के धान का भाव करीब 4200 रुपये प्रति कुंतल तक रहा। वहीं कमजोर क्वालिटी के धान के सौदे करीब 3200 से 3500 रुपये प्रति कुंतल के बीच हुए। मंडी से जुड़े लोगों के अनुसार बारिश के बावजूद ज्यादातर माल अधिक नहीं भीगा था। जिस धान में नमी आ गई थी, उसे धूप में सुखाया जा रहा है, ताकि उसकी गुणवत्ता बनी रहे और किसान को उचित भाव मिल सके।
मंडी में रविवार को अवकाश के बावजूद काम होने से मजदूरों की भी अच्छी-खासी आवाजाही रही। तुलाई केंद्रों से लेकर आढ़तों तक काम चलता रहा। किसान अपने माल की बिक्री के बाद तुलाई और उठान कराने में लगे रहे। मंडी के भीतर कई स्थानों पर धान की बोरियां लगी रहीं और मजदूर लगातार माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते रहे। बारिश के बाद निकली धूप का इस्तेमाल भी किसान और मंडी कर्मी नमी वाले धान को सुखाने में करते रहे।
इन्सर्ट | सोमवार से फिर आएगा नया धान
रविवार को नई आवक पर रोक, सोमवार से खुलेगी नई आवक की राह
रविवार को धनीपुर मंडी में केवल शनिवार को पहुंचा धान ही बेचा और तौला गया। नया माल रविवार को मंडी में नहीं लिया गया। मंडी प्रबंधन के अनुसार शनिवार की बारिश के कारण पहले से खड़े माल की बिक्री और तुलाई पूरी कराने के बाद सोमवार से नई आवक शुरू की जाएगी। सोमवार को किसान अपना नया कटा हुआ धान लेकर मंडी पहुंच सकेंगे और नियमित रूप से खरीद-बिक्री का काम शुरू होगा।
मंडी समिति के आढ़ती मनोज कुमार सिंह, यश गोयल, तनीष्क प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों का माल मंडी में फंसा होने के कारण रविवार को अवकाश के बावजूद मंडी खोलने का निर्णय लिया गया। शनिवार को पहुंचे धान की बिक्री और तुलाई कराई गई। नमी वाले माल को सुखाने के बाद ही बिक्री के लिए लगाया जा रहा है। रविवार को पुराने माल की निकासी पूरी कराने के बाद सोमवार से नया धान मंडी में लिया जाएगा।

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