![]()
श्रीराम हर्षणम चारूशीला मंदिर में रामसखा पं. त्रिलोकी नाथ पांडेय की 5वीं पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन त्रिलोकी नाथ पांडेय स्मृति सेवा न्यास द्वारा किया गया।इस अवसर पर उनकी स्मृति में लिखी गई पुस्तक ‘रामसखा पं. त्रिलोकी नाथ पांडेय’ का विमोचन किया गया। पुस्तक का संपादन डॉ. बिशन बहादुर ने किया है। पुस्तक में ‘सच्चे राम भक्त’ लेखक व्रजभूषण सिंह का, ‘काशी-काबा से अच्छा है द्वार’ लेख पं. (डॉ.) नरेंद्रेश्वर पांडेय का और ‘नाम के अनु स्वभाव’ लेख माननीय गिरीशपति त्रिपाठी का शामिल है। कार्यक्रम में अयोध्या धाम के सभी महंत एवं धर्माचार्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर राम मंदिर निर्माण में रामसखा के अतुलनीय योगदान को याद किया। मुख्य अतिथि महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने त्रिलोकी नाथ पांडेय के कार्यों को स्मृति चिह्न के रूप में प्रस्तुत किया। विशेष अतिथि वैदेही शरण ने भाषण में योगी राम के प्रति समर्पित त्याग का स्मरण किया। उपस्थित महंतों और धर्माचार्यों में जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत वैदेही वल्लभ शरण (वामन मंदिर मंदिर), वैष्णव दास, आचार्य दिगंबर अनी अखाड़ा, वरुण दास,, बालक बाबा बलिया, श्रीराम तिवारी, पूर्व पुलिस डीजीपी आंध्र प्रदेश , राजेंद्र सिंह पुत्र गोपाल सिंह विशारद ,अनिल क्षेत्र प्रचारक पूर्वी उत्तर प्रदेश ,अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन तथा नगर संचालक विक्रमा पांडेय शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन के.एस. साकेत महाविद्यालय अयोध्या के वर्तमान प्राचार्य पं. नरेंद्रेश्वर पांडेय ने किया। न्यास के अध्यक्ष राम निवारी (पूर्व डीजीपी ) ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विक्रमा पांडेय और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य मदन मोहन पांडेय भी मौजूद रहे। पं. त्रिलोकी नाथ पांडेय के पुत्र अरविंद एवं अमित पांडेय ने अतिथियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में अमित कुमार पांडेय ने सभी का धन्यवाद किया।
Source link
अयोध्या में पुस्तक 'रामसखा' का विमोचन हुआ:रामलला के सखा त्रिलोकीनाथ पांडेय की पुण्यतिथि मनाई गई,;योगदान को याद किया गया