गोंडा में दो चचेरे भाइयों का आज होगा अंतिम संस्कार:मुखाग्नि देने गुजरात से आया भाई, 40 घंटे बाद सरयू तट पर होगा अंतिम संस्कार


गोंडा के नवाबगंज में मंगलवार शाम सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार गुरुवार को अयोध्या के सरयू तट पर किया जाएगा। दोनों के घर में उनसे बड़ा कोई पुरुष सदस्य नहीं था, इसलिए पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने के बावजूद अंतिम संस्कार नहीं हो सका। गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे गुजरात से उनके भाई अनिल कुमार गांव पहुंचे। इसके बाद दोनों शवों को अयोध्या ले जाया गया, जहां सुबह करीब 11 बजे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसा मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे लौव्वाबीरपुर गांव के पास नवाबगंज-तरबगंज मार्ग पर हुआ था। दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में 26 वर्षीय पराग दत्त और 20 वर्षीय दीपक उर्फ दीपू की मौत हो गई थी। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए थे। तीसरे चचेरे भाई को छोड़ने निकले थे पराग दत्त और दीपक उर्फ दीपू अपने तीसरे चचेरे भाई सुनील कुमार को लोलपुर बाईपास छोड़ने गए थे। सुनील गुजरात में रहने वाले अपने भाई अनिल कुमार के पास जा रहे थे। दोनों युवक सुनील को छोड़कर बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों की जान चली गई।

घर में बड़ा सदस्य नहीं था बुधवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए परिवार में उनसे बड़ा कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में परिजनों ने इंतजार किया। गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे अनिल कुमार गुजरात से गांव पहुंचे। इसके बाद दोनों भाइयों के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गई। पराग के पीछे पत्नी और 5 साल का बेटा 26 वर्षीय पराग दत्त के पास खेती की जमीन नहीं थी। वह गांव में दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाते थे। उनकी पत्नी मनीषा देवी और 5 साल का बेटा संस्कार है। पराग तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी मौत से पत्नी और बच्चे के सामने परिवार चलाने का संकट भी खड़ा हो गया है। तीन महीने पहले पिता की मौत 20 वर्षीय दीपक उर्फ दीपू की शादी नहीं हुई थी। वह अपने छोटे भाई अनिल के साथ सूरत में मजदूरी करते थे। करीब तीन महीने पहले बीमारी के चलते उनके पिता रामकुमार की लुधियाना में मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद दीपक गांव में ही रह रहे थे। वह दो भाइयों में छोटे थे। उनकी मां शोभावती जीवित हैं। अब बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुरुवार को अयोध्या के सरयू तट पर दोनों चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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