Supreme Court Rejects PIL Challenging 2018 SCST Act Amendment

10 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SC/ST एक्ट में 2018 के संशोधन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। इस संशोधन के तहत SC/ST एक्ट के मामलों में अग्रिम जमानत पर लगी रोक बहाल की गई थी। साथ ही FIR से पहले प्रारंभिक जांच और आरोपी की गिरफ्तारी से पहले मंजूरी की जरूरत भी खत्म कर दी गई थी।

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि 2018 के संशोधन को सुप्रीम कोर्ट 2020 में ही बरकरार रख चुका है। इसलिए उस फैसले पर दोबारा विचार करने का आधार नहीं है।

2018 में क्या बदला था?

2018 में सुप्रीम कोर्ट के डॉ. सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले के फैसले के बाद संसद ने SC/ST एक्ट में संशोधन किया था। सुप्रीम कोर्ट ने उस समय कुछ मामलों में FIR से पहले प्रारंभिक जांच और गिरफ्तारी से पहले सक्षम अधिकारी की मंजूरी की जरूरत बताई थी। साथ ही कहा था कि उचित मामलों में अग्रिम जमानत दी जा सकती है।

इसके बाद संसद ने एक्ट में Section 18A जोड़ा। इसमें:

  • FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की जरूरत खत्म की गई।
  • आरोपी की गिरफ्तारी से पहले किसी अधिकारी की मंजूरी की शर्त हटाई गई।
  • SC/ST एक्ट के मामलों में अग्रिम जमानत पर लगी रोक फिर स्पष्ट की गई।

खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

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