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कासगंज में भारतीय किसान यूनियन (हलधर) ने मंगलवार दोपहर विकास भवन पर प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि सोरों थाना क्षेत्र के चंदौस गांव की सरकारी सोसाइटी में खाद बांटने में जातिवाद किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों ने बताया कि सोसाइटी के सचिव शिवकुमार यादव अपनी जाति और अपने गांव के लोगों को ही यूरिया खाद देते हैं। जब दूसरे गांवों के किसान खाद के लिए टोकन मांगते हैं, तो सचिव उन्हें गुमराह करते हैं और खाद नहीं देते। किसानों का आरोप है कि सचिव और उनका भाई सोसाइटी पर किसानों को धमकाते हैं। वे कहते हैं कि वे अपनी मर्जी से ही खाद बांटेंगे। सचिव का गांव नगला मोती है, जो इस सोसाइटी के दायरे में नहीं आता। इसके बावजूद वह अपने गांव और जाति के लोगों को खाद देते हैं। किसानों ने कहा कि सोसाइटी में जातिवाद फैला हुआ है, जिससे उनमें बहुत गुस्सा है। समय पर खाद न मिलने के कारण उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। किसानों ने अपनी मांगों में कहा कि जातिवाद फैलाने वाले सचिव को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि कासगंज जिले की सभी सोसाइटियों को समय पर खोलने और खाद देने का आदेश जारी हो। किसानों ने यह भी मांग की कि गेहूं, आलू और सरसों की बुवाई के लिए बड़ी मात्रा में डीएपी की जरूरत होगी। इसलिए सोसाइटियों पर समय पर डीएपी दी जाए। इसके अलावा, किसानों ने कहा कि सोसाइटियों पर कुछ स्थानीय दबंग लोगों को रखा जाता है। ये लोग अपनी मर्जी से खाद बांटते हैं। ऐसे लोगों की जांच कर उन्हें सोसाइटी से हटाया जाए। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी सोसाइटियों पर किसानों के आधार कार्ड लेकर अंगूठे लगवाए जाते हैं। अगर उनकी जमीन के हिसाब से पांच खाद के कट्टे बनते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक कट्टा दिया जाता है। लेकिन कंप्यूटर में पांच कट्टे चढ़ा लिए जाते हैं। बाद में इन कट्टों को ब्लैक में बेचा जाता है।
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सचिव पर खाद वितरण में जातिवाद का आरोप:कासगंज में भाकियू हलधर ने विकास भवन पर प्रदर्शन किया, 5 मांगें रखीं