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लखनऊ में शनिवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन शुरू हो गया। भातखंडे विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से ज्योतिषाचार्य, आध्यात्मिक गुरु, आचार्य आए हुए हैं। यहां सभी लोगों का प्रवेश पूरी तरह फ्री रखा गया है। लोग यहां पहुंचकर उनसे सलाह ले सकते हैं। आयोजन समिति ने सम्मेलन के उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। इसके बाद धर्म, ज्योतिष और सनातन ज्ञान की आधुनिक समाज में भूमिका पर विशेष सत्र रहा। इसमें ज्योतिष विशेषज्ञों ने बदलते समय में ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान की उपयोगिता पर विचार रखे। हीलिंग साइंसेज जैसे विषयों पर अनुभव साझा किए सम्मेलन में वैदिक ज्योतिष, प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी, वास्तु, न्यूमरोलॉजी, टैरो और हीलिंग साइंसेज जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया और सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच परिचय और संवाद भी हुआ। विशिष्ट अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। इससे सम्मेलन में शामिल लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का मौका मिला। सूर्य पद्धति पर कार्यशाला रही खास पहले दिन का प्रमुख आकर्षण पं. राघव एस. भट्ट की सूर्य पद्धति पर कार्यशाला रही। इसमें उन्होंने सूर्य पद्धति से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने कार्यशाला में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन का पहला दिन धर्म, ज्योतिष, अध्यात्म और आधुनिक ज्ञान के बीच संवाद पर केंद्रित रहा। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के विचार और प्रतिभागियों की भागीदारी से कार्यक्रम को विस्तार मिला। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
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लखनऊ में दो दिवसीय राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन:भातखंडे विश्वविद्यालय में देशभर से आए ज्योतिषी, प्रवेश पूरी तरह फ्री