औरैया में 22 साल से सड़क बदहाल:निरीक्षण करने पहुंचे अफसरों को ग्रामीणों ने घेरा, PWD-मंडी परिषद एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी


औरैया के कंचौसी में ढिकियापुर से घसाकापुर्वा गांव तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क 22 साल से बदहाल है। रविवार को सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे पीडब्ल्यूडी और राज्य मंडी परिषद के अधिकारियों को ग्रामीणों ने घेर लिया। लोगों ने जल्द सड़क बनवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क खराब होने से उन्हें लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन विभागों के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। मौके पर पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड औरैया के एई नेक राम, जेई अंकित शुक्ला और राज्य मंडी परिषद कानपुर के जेई राहुल सिंह समेत अन्य अधिकारी पहुंचे थे। सड़क के किनारे लगी एजिंग ईंटों की जांच के दौरान दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी। पीडब्ल्यूडी अधिकारी सड़क को मंडी परिषद की बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए, लेकिन इसके समर्थन में कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। 22 साल से सड़क खराब, ग्रामीणों ने अफसरों को घेरा ग्रामीणों के मुताबिक, ढिकियापुर से घसाकापुर्वा तक करीब दो किलोमीटर सड़क वर्ष 2003-04 से ही खराब हालत में है। सड़क निर्माण को लेकर बलराम सिंह ने सीएम पोर्टल पर शिकायत भी की थी। रविवार को निरीक्षण के दौरान बलराम सिंह, पूर्व प्रधान सुरेश यादव समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने अधिकारियों से सड़क निर्माण की समयसीमा और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। ईंटों ने खोला सड़क की जिम्मेदारी का सवाल निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे लगी एजिंग ईंटों को लेकर दोनों विभागों की स्थिति सामने आई। मंडी परिषद के जेई राहुल सिंह ने कहा कि उनके विभाग की सड़कों पर पट्ट ईंटें लगाई जाती हैं, जबकि इस सड़क पर खड़ी ईंटें लगी हैं। उनके मुताबिक, यह पीडब्ल्यूडी की सड़कों की पहचान है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के पत्र का जवाब देने की बात कही। पुराने ठेकेदार ने बताया पीडब्ल्यूडी की सड़क ग्रामीणों ने वर्ष 2003-04 में सड़क की मरम्मत कराने वाले ठेकेदार सर्वेश भदौरिया से अधिकारियों की फोन पर बात कराई। ठेकेदार ने बताया कि सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन थी। उन्होंने उस समय के जेई और विभागीय कार्यालय का पता भी बताया, जहां पुराने रिकॉर्ड मिल सकते हैं। इसके बावजूद मौके पर पीडब्ल्यूडी अधिकारी ग्रामीणों को सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। भरोसा नहीं मिला तो धरने की चेतावनी निरीक्षण के दौरान अंकित कुमार, सुदामा प्रसाद, नंदू शर्मा, सूरज सपेरा, धर्मेंद्र यादव, संतोष यादव, ब्रजेश कुमार, सुखलाल और संजेश समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। किसान नेता गिरीश सिकरवार ने कहा कि अगर जल्द सड़क निर्माण का भरोसा नहीं मिला तो सैकड़ों ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जाएगा।

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