बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- शराबबंदी करने का फैसला एकतरफा:इसके आदी बीमार होकर अस्पताल में भीड़ लगा देंगे; सिर्फ पुणे में रोक शहरवासियों के लिए कलंक


बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पुणे प्रशासन को 10 दिन के गणेश उत्सव के दौरान शराब पर रोक लगाने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा जो व्यक्ति शराब का आदी है उसे 10 दिनों तक शराब पीने को नहीं मिली, तो वे अस्पतालों में भीड़ लगा देंगे। चीफ जस्टिस एम सी त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने कहा कि अगर रोक का आदेश वापस नहीं लिया गया तो कोर्ट दखल देगा, क्योंकि इस तरह की मनमानी कार्रवाई से पुणे और वहां के निवासियों की छवि खराब होती है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि सिर्फ पुणे को चुनने के पीछे क्या तर्क है? हम ऐसी प्रथा की निंदा करते हैं। यह पुणे के निवासियों के लिए एक कलंक है। आप क्या दिखाना चाह रहे हैं कि सिर्फ पुणे के लोग ही शराब पीने के बाद बुरा बर्ताव करते हैं?

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