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फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील में गंगा और रामगंगा दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर लगातार गहराता जा रहा है। गंगा नदी पहले ही खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि रामगंगा भी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। इससे तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रामगंगा का पानी भावन, गुलरिया, अमैयापुर, अल्हादपुर, भटौली, असलानपुर, विचपुरिया, कड़क्का, कड़हर, भुवनपुर, कोला सोता और हरपालपुर समेत दर्जनभर से अधिक गांवों तक पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भी नुकसान हो रहा है। कई स्थानों पर गन्ने की फसल 4 से 5 फीट तक पानी में डूबी हुई है। मंगलवार को बैराजों से छोड़ा गया 16660 क्यूसेक पानी मंगलवार को खो, हरेली और रामनगर बैराज से रामगंगा नदी में 16660 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिले में रामगंगा का जलस्तर 136.95 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर है और खतरे के निशान से सिर्फ 15 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी रामगंगा का पानी खेतों में भरने से गन्ने के अलावा तिली, उड़द, धान, मूंगफली और बाजरा की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। पशुओं के चारे का संकट, नाव से गांव पहुंच रहे ग्रामीण बाढ़ का पानी खेतों में भरने के कारण ग्रामीणों के सामने पशुओं को चराने और चारे का इंतजाम करने की समस्या खड़ी हो गई है। कई किसान जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी के बीच से चारा लेकर आ रहे हैं। कुछ जगहों पर ग्रामीण नाव के सहारे अपने गांवों तक पहुंच रहे हैं। पानी बढ़ने के साथ रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन ने गांवों में नाव लगाने का काम तेज किया रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों में प्रशासन ने नाव लगाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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अमृतपुर में गंगा-रामगंगा उफनाई, रामगंगा खतरे के निशान के करीब:12 से अधिक गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं; चारा जुटाना भी मुश्किल