मर्जी से शादी के मामले में हाईकोर्ट का रुख सख्त:हाईकोर्ट में एसपी पेश हुए, वाराणसी कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सफाई दी


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिगों की अपनी मर्जी से की गई शादी के एक मामले में अदालती आदेशों का पालन न होने पर कड़ा रुख अपनाया है और एसपी से जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता हिमांशी सिंह द्वारा जौनपुर पुलिस प्रशासन पर हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाने के बाद यह सख्त रुख दिखाया है। जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुंवर अनुपम सिंह व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित हुए, जबकि वाराणसी ज़ोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने खराब स्वास्थ्य के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी बात रखी। जानिये क्या है मामला अदालत ने पाया कि 13 जुलाई 2026 को याचिकाकर्ता का बयान दर्ज कराने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का स्पष्ट आदेश दिया गया था। इसके बावजूद, याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ को सूचित किया कि जब याचिकाकर्ता अपने सास-ससुर के साथ 20 अगस्त को एसपी कार्यालय पहुंची, तो अधिकारियों ने आवेदन लेने तक से इन्कार कर दिया। अदालत ने इसे न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने और आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करने का मामला मानते हुए जौनपुर एसपी को आदेश का उल्लंघन करने के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। एडीजी वाराणसी हलफनामा देंगे हाईकोर्ट ने इस मामले का प्रशासनिक संज्ञान लेते हुए डीआईजी (वाराणसी रेंज) को जांच करने और अपनी रिपोर्ट व्यक्तिगत हलफनामे के माध्यम से पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही एडीजी (वाराणसी ज़ोन) को पूर्व आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने और अगली सुनवाई पर हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 5 सितंबर 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक, जौनपुर के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है, जहां एक महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान धारा 183 बीएनएसएस के तहत दर्ज कराया जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ता की जौनपुर में मौजूदगी के दौरान उसे पूर्ण पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश के साथ मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 तय की है।

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