डॉ. उज्मा को मिला राष्ट्रीय राधाकृष्णन डिस्टिंक्शन और लीडर सम्मान:स्कूलों में बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता, कहा- शिक्षक दिवस केवल उत्सव नहीं आत्ममंथन का समय है


एडुविजन इंडिया की डायरेक्टर डॉ. उज्मा कमर को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ‘राधाकृष्णन डिस्टिंक्शन अवार्ड’ और ‘सर्टिफाइड HiPATH लीडर अवार्ड’ से नवाजा गया है। यह सम्मान लखनऊ स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) में ‘ग्लोबल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ (GETI) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘GETI लीडरशिप सर्कल’ सम्मेलन में प्रदान किया गया। इस दौरान डॉ. कमर ने सीएमएस की विभिन्न शाखाओं का दौरा कर शैक्षणिक नवाचारों में सक्रिय भागीदारी निभाई। ‘एजुकेशन पोस्ट’ पहल की दिग्गजों ने की सराहना सम्मेलन के दौरान एडुविजन इंडिया की विशेष पहल ‘एजुकेशन पोस्ट’ को सीएमएस की संस्थापिका डॉ. भारती गांधी और जीईटीआई की संस्थापिका डॉ. सुनीता गांधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दोनों प्रख्यात शिक्षाविदों ने शिक्षण सुधार और जागरूकता से जुड़े इन प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे शिक्षा जगत के लिए एक जरूरी कदम बताया। स्कूलों में घटती संवेदना और बढ़ती हिंसा पर चिंता कार्यक्रम के दौरान हाल ही में देश के विभिन्न स्कूलों से सामने आई हिंसक घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। विशाखापट्टनम में शिक्षक की पिटाई से छात्र की मौत, हरदोई में बच्ची की जान जाना, दिल्ली में मासूमों का टॉर्चर और हैदराबाद में प्रिंसिपल पर जानलेवा हमले जैसी घटनाओं को पूरे शैक्षणिक जगत के लिए झकझोर देने वाला बताया गया। गुस्सा आए तो खुद से पूछें- क्या गलत पेशा चुन लिया? शिक्षक दिवस पर संदेश देते हुए डॉ. उज्मा कमर ने कहा कि यह केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्मपरीक्षण का समय है। यदि किसी शिक्षक को पढ़ाते वक्त बार-बार गुस्सा आता है या अनुशासन के नाम पर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देनी पड़ती है, तो उन्हें रुककर सोचना चाहिए कि क्या उनमें वास्तव में शिक्षक बनने का एप्टीट्यूड है या उन्होंने गलत पेशा चुन लिया है। शिक्षण भय पर नहीं, बल्कि धैर्य, सहानुभूति और संवाद पर टिका होता है। मेंटल हेल्थ और भयमुक्त वातावरण पर जोर डॉ. कमर ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूलों में भयमुक्त और बाल-अनुकूल माहौल बनाना अनिवार्य है। शिक्षकों के लिए नियमित एटिट्यूड टेस्ट और मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग बेहद जरूरी है ताकि क्लासरूम में संवेदना बची रहे। डॉ. कमर की इस उपलब्धि पर बरेली के शैक्षिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *