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जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बरेली के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। शाम करीब 7 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर रात 1 बजे तक लगातार जारी रही। रिमझिम से तेज होती फुहारों के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। भक्त छाता ताने और भीगते हुए बांके बिहारी के दीदार के लिए घंटों लंबी कतारों में धैर्यपूर्वक खड़े रहे। श्रद्धालु बोले- दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगे मंदिर परिसर में पहुंचे भक्तों के चेहरे पर बारिश की थकान के बजाय प्रभु भक्ति का तेज नजर आया। दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि मौसम चाहे जैसा भी हो, वे अपने आराध्य के दर्शन किए बिना वापस नहीं लौटेंगे। वहीं दर्शन कर बाहर निकलीं एक महिला श्रद्धालु ने भावुक होते हुए बताया कि आज का आनंद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, बिहारी जी की एक झलक पाकर पूरा जीवन धन्य हो गया। शहर भर के देवालयों में रही भारी भीड़ खराब मौसम के बावजूद केवल बांके बिहारी मंदिर ही नहीं, बल्कि मॉडल टाउन स्थित प्रसिद्ध हरि मंदिर और रामपुर गार्डन के आनंद आश्रम में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रात भर देवालयों के बाहर आस्थावानों की आवाजाही बनी रही और पूरा शहर कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। बच्चों की मनमोहक झांकियों ने मोहा मन मंदिर प्रांगण में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई राधा-कृष्ण की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने जब भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, तो उपस्थित भक्त भी खुद को झूमने से नहीं रोक पाए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और ‘नंद घर आनंद भयो’ के गगनभेदी जयकारों से लगातार गुंजायमान रहा।
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बारिश पर भारी पड़ा भक्तों का अटूट विश्वास और भक्ति:भीगते हुए कतारों में डटे रहे हजारों श्रद्धालु, आधी रात तक गूंजते रहे जय कन्हैया लाल के जयकारे