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झांसी में रात के 12 बजते ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल गूंज उठे। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कई घंटे से बाल गोपाल के जन्म का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जन्म के साथ ही भक्त आस्था में डूब गए और जमकर नृत्य किया। शहर के प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर दिनभर तैयारियां चलती रहीं। मंदिरों को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। शाम होते ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच भक्त आधी रात का इंतजार करते रहे। कई जगह भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को विशेष रूप से सजाया गया था। 250 किलो फूलों से सजा मुरली मनोहर मंदिर
सिविल लाइन स्थित मुरली मनोहर मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर को करीब 250 किलो फूलों से सजाया गया। फूलों की सजावट के बीच मंदिर का परिसर आकर्षण का केंद्र बना रहा। शाम करीब 8 बजे से ही बारिश के बीच श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था।
बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सकी। छाता लेकर लोग मंदिर पहुंचते रहे। मंदिर में पहुंचने के बाद श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल हुए और भगवान के जन्म का इंतजार करते रहे। जैसे-जैसे रात बढ़ी, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई।
आधी रात को बाल स्वरूप के दर्शन
रात 12 बजते ही श्रीकृष्ण का जन्म कराया गया। इसके साथ ही मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना शुरू हुई। भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। मंदिरों में लंबी लाइन में लगकर भक्त अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं, भगवान के दर्शन कर जयघोष के बीच भक्तों ने नृत्य किया और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई दी। मंदिर परिसर काफी देर तक कृष्ण भक्ति के रंग में डूबा रहा। पुलिस लाइन और थानों में भी आयोजन झांसी की पुलिस लाइन में भी जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। यहां भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को लेकर विशेष सजावट और धार्मिक कार्यक्रम हुए। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने आयोजन में हिस्सा लिया।
इसके अलावा जिले के थानों में भी जन्माष्टमी के मौके पर सजावट कराई गई थी। मंदिरों की तरह थानों में भी आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर पूजा-अर्चना और जयघोष हुआ। इससे पुलिस लाइन से लेकर थानों तक जन्माष्टमी का उल्लास नजर आया। नन्हे बच्चों को बयान कन्हैया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर जहां श्रद्धालु भगवान की भक्ति में डूबे नजर आए तो दूसरी तरफ नन्हे बच्चे भी बाल कृष्ण बनकर मंदिर पहुंचे। उन्हें रंग बिरंगी पोशाक पहनाकर उनके मां-बाप श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में लाए थे, जिन्होंने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा।
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झांसी में रात 12 बजे गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’:भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मंदिरों में भक्ति में डूबे भक्त