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सीतापुर जिले में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गुरुवार देर रात प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, तीनों बैराजों से करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है। लगातार पानी छोड़े जाने से अगले 24 घंटे में दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। वर्तमान में घाघरा नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर नीचे, जबकि शारदा नदी महज 4 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ रामपुर मथुरा विकासखंड के तटवर्ती गांवों में हालात बिगड़ने लगे हैं। नागेश्वरपुरवा, बुचाऊपुरवा, लोधनपुरवा समेत आसपास के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब चार गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी पहुंचने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। पानी बढ़ने से ग्रामीणों को दोबारा बाढ़ की चिंता सताने लगी है। कटान तेज, पांच मकानों पर मंडराया खतरा नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान भी तेज हो गया है। नदी किनारे कृषि योग्य जमीन लगातार कटान की जद में आ रही है। खतरे को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के कई परिवार पहले ही सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। वहीं, करीब पांच मकान अब नदी के पानी से महज 20 मीटर की दूरी पर रह गए हैं। इससे इन मकानों में रहने वाले परिवारों में दहशत का माहौल है। शुकुलपुरवा में तटबंध की ठोकर कटी, बढ़ा बहाव शुकुलपुरवा में शारदा नदी पर बने तटबंध की ठोकर कटने से पानी का बहाव तेज हो गया है। इसके चलते नदी किनारे कटान की स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लोगों को अलर्ट करते हुए जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है। लेखपाल लगातार कर रहे निगरानी एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि लेखपाल लगातार नदियों के जलस्तर और कटान की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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सीतापुर में फिर गहराया बाढ़ का खतरा:शारदा-घाघरा में तेजी से बढ़ा पानी, तीन बैराजों से छोड़ा गया साढ़े 4 लाख क्यूसेक पानी