विद्यापीठ में जल्द शुरू होगा बीकॉम-एलएलबी:फाइनेंशियल क्राइम बढ़ने के बाद लिया फैसला, 60 सीटों पर होगी पढ़ाई


महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में जल्द ही बीकॉम-एलएलबी शुरू करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए आवेदन कर दिया है और निरीक्षण भी हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इसी साल मान्यता मिल गई तो लेटेस्ट एडमिशन के साथ कोर्स शुरू कर दिया जाएगा, अन्यथा अगले साल से पढ़ाई शुरू होगी। इसमें 60 सीटें रखी गई हैं। विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने बताया कि आज फाइनेंशियल क्राइम और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में कानून के साथ वित्तीय जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ अधिवक्ताओं की जरूरत है। इसी उद्देश्य से कॉमर्स और कानून दोनों को एक साथ जोड़कर यह कोर्स तैयार किया जा रहा है। प्लस-टू के बाद ले सकेंगे दाखिला
बीकॉम-एलएलबी में प्रवेश प्लस-टू के बाद होगा। इसमें ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनकी रुचि फाइनेंस से संबंधित विषयों और कानून में हो। कुलपति ने बताया कि सामान्य कानून की पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को वित्तीय मामलों की समझ भी दी जाएगी, जिससे वे फाइनेंशियल क्राइम से जुड़े मुकदमों को बेहतर तरीके से समझ और लड़ सकें। फाइनेंशियल क्राइम और साइबर फ्रॉड पर फोकस
कुलपति के मुताबिक आज के समय में वकालत का क्षेत्र काफी स्पेशलाइज्ड हो गया है। साइबर फ्रॉड और वित्तीय अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसे वकीलों की जरूरत है, जिन्हें कानून के साथ फाइनेंस की जानकारी भी हो। बीकॉम-एलएलबी इसी जरूरत को ध्यान में रखकर शुरू किया जा रहा है। पिछले साल शुरू किए कई नए प्रोग्राम
कुलपति ने बताया कि पिछले साल एमएससी एग्रीकल्चर में 5 डिसिप्लिन और एमएससी साइंसेज में 3 नई ब्रांच शुरू की गई थीं। इस बार भी नए कोर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा कॉमर्स विभाग में रिटेल मैनेजमेंट और पर्यटन संस्थान में हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म से जुड़े इंटर्नशिप एंबेडेड प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भी ऐसे दो प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। अगले साल प्रिंट मीडिया और ई-कॉमर्स से जुड़े एक-दो इंटर्नशिप एंबेडेड प्रोग्राम शुरू करने की योजना है। इंटर्नशिप से छात्रों को फील्ड का अनुभव
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार मार्केटिंग और टूरिज्म जैसे विषयों में पढ़ाई के साथ फील्ड का अनुभव जरूरी है। इसी वजह से इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि इन प्रोग्रामों के जरिए छात्रों को बेहतर प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे। पर्यटन से जुड़े तैयार किए गए करिकुलम और सिलेबस को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया गया है। मान्यता मिलते ही इसी साल शुरू करने की तैयारी
बीकॉम-एलएलबी के लिए विश्वविद्यालय की ओर से आवेदन किया जा चुका है और निरीक्षण भी हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि यदि इसी बार मान्यता मिल जाती है तो लेटेस्ट एडमिशन के साथ कोर्स इसी साल शुरू करने की कोशिश होगी। मान्यता मिलने में देरी होने पर इसे अगले वर्ष से शुरू किया जाएगा। बिना मान्यता के कोर्स शुरू नहीं किया जाएगा।

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