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लखनऊ में मंगलवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्तीअभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया। मंत्री के आवास के बाहर अभ्यर्थी 1 घंटे तक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे ‘ऐसी क्या मजबूरी है – कि आरक्षण की चोरी है’, ‘पिछड़ा आयोग ने माना है – आरक्षण घोटाला है’। 5 प्रतिशत छूट कि मांग प्रदर्शनकारियों ने बताया कि साल 2018 में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती निकली थी । इस भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक , दलित और पिछले वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% आरक्षण मिलना था । मगर चारों कैटिगरी के लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला और जनरल के अभ्यर्थियों के साथ सामान्य रूप से परिणाम घोषित किया गया । बताया कि नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों को 68,500 शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट देते हुए पूर्णांक 150 में 60 अंक मतलब 40 प्रतिशत पर परिणाम संशोधित करा कर नई सूची जारी करनी चाहिए। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं ’ सीतापुर से आए आशुतोष वर्मा ने कहा कि 8 साल से हम नौकरी के लिए भटकरहे हैं। इन्होंने बताया कि इस भर्ती में व्यापक स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्र पिछला आयोग ने भी मन की घोटाला हुआ है , आरक्षण के नियमों को पालन करने का आदेश दिया।हमारी मांग यही है कि आयोग के आदेशों का पालन हो।2018 में जब भर्ती निकली थी तो हमने फॉर्म भरा था और जब से लेकर आज तक 8 सालों से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। ‘भूखे पेट सोने पर मजबूर’ दर्जनों बार शिक्षा मंत्री की आवास पर आकर उनसे गुहार लगाया अधिकारियों के पास गए मगर कोई भी सुनने वाला नहीं है। आरोप लगाते हुए कहा कि जो शिक्षा विभाग के अधिकारी हठधर्मी है ,आरक्षण विरोधी और सरकार विरोधी हैं । सरकार की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह लोग अभ्यर्थियों और मुख्यमंत्री दोनों को गुमराह कर रहे हैं। हम लोग किस परिवार से आते हैं। पिता ने अपनी फसल बेचकर हम लोगों को पढ़ाया है अब स्थिति यह हो गई है की कर्ज लेकर लखनऊ आना पड़ता है। लखनऊ जब आते हैं तो कई रात भूखा रहना पड़ता है रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर वक्तगु गुजारते हैं।
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लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर 1 घंटे तक करते रहे नारेबाजी , प्रदर्शनकारियों को टांग कर ले गई पुलिस