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‘रक्षाबंधन का त्योहार बिलकुल सर पे है ऐसे समय में चीनी के दामों में तेजी ने हम लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। त्योहार से ठीक पहले अगर मिठाई के दम बढ़ते हैं तो ग्राहक भड़क जाएंगे। त्योहार में वैसे ही बहुत सरे खर्चे होते हैं । ऊपर से महंगी मिठाई ग्राहक पर दोहरी मार होगी। फिलहल हम लोग मिठाई के दाम ना बढ़ाकर वेट एंड वॉच की स्थिति में है । चीनी के दम बढ़ने से जो मिठाई महंगी हो रही है उसको हम लोग अपना प्रॉफिट मार्जिन कम करके बर्दाश्त करेंगे’ यह कहना था शर्मा स्वीट्स के मालिक दिनेश शर्मा का। लखनऊ में चीनी के दाम में आई तेजी ने मिठाई व्यापारियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। जिसमें मिठाई का बहुत महत्व होता है । शक्कर कि कीमतों में भारी इजाफा होने से महंगाई कि कड़वाहट आ गई है । दुकानदार शादब ने बताया की 25 दिन पहले शक्कर की कीमत लगभग 45 थी जो की इन दिनों ₹70 हो गई है । 25 दिन में ₹25 की बढ़ोतरी काफी ज्यादा मानी जाति है। किचेन और व्यापार दोनों का बजट बिगड़ा मिठाई का व्यापार करने वाली रोली शुक्ला ने कहा कि शक्कर के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं । हमारी जरूरतें जस कि तस बनी हैं । हम एक दुकानदार हैं चाह कर भी भी मिठाइयों के दाम नहीं बढ़ा सकते । अगर अभी अचानक से दाम बढ़ा देंगे तो इससे ग्राहक कटने लग जाते हैं। महंगी शक्कर खरीद कर मिठाई बनाना इसका सीधा असर हमारी जेब पर पढ़ रहा है। अगर हम घर की बात करें तो रक्षाबंधन का त्योहार आ रहा है मीठे में बहुत सारे पकवान बनाए जाते हैं। चक्कर महंगी होने की वजह से वो बजट भी बिगड़ जाएगा। अगर दम बढ़ाते हैं तो ग्राहक काम हो जाएंगे और नहीं बढ़ते तो मुनाफा घट जाएगा दोनों तरफ से हमारा नुकसान है। ‘जमाखोरी से महंगी ही चीनी’ छप्पन भोग के शेखर गुप्ता ने कहा कि ठीक फेस्टिवल के समय यह महंगाई परेशान करने वाली है। त्योहार के बीच में इतना ज्यादा रेट बढ़ना सही नहीं है। सरकार को इस चीज को गंभीरता से लेते हुए इस पर ध्यान देना चाहिए। जब भी महंगाई बढ़ती है तो हमारे व्यापार पर जरूर असर पड़ता है। फिलहाल रक्षाबंधन तक हम लोग मिठाई के दाम नहीं बढ़ाएंगे। त्योहार के बाद देखते हैं अगर चीनी के दामों में कुछ कमी नहीं आएगी फिर चर्चा करके बढ़ाने के बारे में सोचेंगे। त्योहार के समय जमाखोरी बढ़ जाती है शायद यही कारण है की रेट इतनी ज्यादा बढ़ रहे हैं। शक्कर के साथ चाय पत्ती और दूध भी महंगा है चाय बेचने वाले जयप्रकाश ने कहा कि हम लोग बहुत छोटे दुकानदार हैं । चीनी में ₹ 25 की बढ़ोतरी बहुत बड़ी बात है। इससे पहले जब ₹45 से 48 के बीच में चीनी थी तो हमें कुछ मुनाफा हो जाता था। सिर्फ चीनी ही नहीं मांगी हुई चाय पत्ती महंगी , दूध महंगा और सिलेंडर पहले से ही महंगा था तो मुनाफा कहां से होगा। इन्होंने बताया कि जो मिठाई ₹500 में थी वह ₹700 में मिलेगी। आने वाले दिनों में इतनी परेशानी आ जाएगी कि रक्षाबंधन और त्योहार नहीं मना पाएंगे। बहनों के घर जो 1 किलो मिठाई ले जाता था वह आधा किलो ले जाएगा।
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'दाम बढ़ाओ तो कस्टमर घटते है न बढ़ाओ तो मुनाफा':लखनऊ चीनी में महंगाई कि कड़वाहट, 25 दिन में 25 रु हुई महंगी , मिठाई व्यापारियों में नाराजगी