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बलिया में सरयू नदी समेत दोनों प्रमुख नदियां लगातार तीसरे दिन खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते तटवर्ती बस्तियों और गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे हजारों लोगों के सामने आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज का संकट खड़ा हो गया है। सरयू नदी डीएसपी हेड, चांदपुर और मांझी गेज पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दोनों नदियों का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलने के कारण कई बस्तियां टापू में तब्दील हो गई हैं। गांवों में घुसा बाढ़ का पानी बैरिया तहसील क्षेत्र की चांददीयर चौकी के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में सरयू का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है और दैनिक जरूरतों के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ‘क्षेत्र बाढ़ से घिरा, अभी नाव की व्यवस्था नहीं’ इंजीनियर प्रशांत यादव ने बताया कि पूरा क्षेत्र बाढ़ के पानी से घिर चुका है। इसके बावजूद अभी तक जिला प्रशासन की ओर से नाव आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। प्राथमिक विद्यालयों में पानी घुसने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि यह पिछड़ा क्षेत्र है और सभी घरों में शौचालय की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में बाढ़ के बीच लोगों को दैनिक क्रियाओं के लिए भी काफी परेशानी हो रही है। ‘आवागमन पूरी तरह बंद’ ग्रामीण सुदामा यादव ने बताया कि बाढ़ के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष नाव का किराया नहीं मिलने के कारण इस बार नावों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। रविंद्र यादव बागी ने बताया कि करीब 5 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ से घिरी हुई है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पशुओं के लिए चारे समेत कई अन्य समस्याएं भी लगातार बढ़ रही हैं। शहर के निचले इलाकों में भी पहुंचा पानी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधीय क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बलिया शहर के निचले इलाकों निहोरा नगर, कृष्णा नाथ और महावीर घाट में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे शहर के इन इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
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सरयू समेत दोनों प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर:3 दिन से बढ़ रहा जलस्तर; कई गांव-बस्तियां बनीं टापू, 5 हजार से ज्यादा आबादी बाढ़ से घिरी