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संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने राष्ट्रगान का पूरी तरह समर्थन किया है। हालांकि, राष्ट्रगीत को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की समझ के अनुसार राष्ट्रगीत के कुछ शब्द संविधान से मिली धार्मिक स्वतंत्रता से टकराते हैं। इसी वजह से वे राष्ट्रगीत गाने में असमर्थ हैं। सांसद ने कहा कि पूरा देश और मुस्लिम समाज राष्ट्रगान का सम्मान करता है। राष्ट्रगीत न गा पाना उनकी मजबूरी है। क्रिकेटर मोहम्मद शमी के वंदे मातरम् के समर्थन पर उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के समर्थन करने से पूरी कौम का समर्थन नहीं माना जा सकता। उलमा और मुस्लिम संगठनों के रुख का किया जिक्र
बर्क ने कहा कि उलमा-ए-किराम, मुस्लिम संगठन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे प्रमुख मुस्लिम निकाय भी इस मुद्दे पर इसी पक्ष में हैं। उनका कहना है कि धार्मिक कारणों से मुस्लिम समाज राष्ट्रगीत का समर्थन नहीं कर सकता। भाजपा पर मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
सपा सांसद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे विधेयक लाकर सरकार देश की 140 करोड़ जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे बिल पास होने से क्या सरकार रोजगार की गारंटी दे सकती है, महंगाई कम कर सकती है या भ्रष्टाचार और अपराध खत्म कर सकती है? बोले-धार्मिक आजादी मौलिक अधिकार
बर्क ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जो देश को बांटने या भ्रम फैलाने का काम करे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 तक सुनिश्चित मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। उनके मुताबिक, ऐसा कोई विधेयक जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता हो, स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने समाज में विभाजन पैदा करने वाले ऐसे विधेयकों का विरोध करने की बात कही।
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बर्क बोले-राष्ट्रगान का पूरा सम्मान, राष्ट्रगीत गाने में असमर्थ:कहा- कुछ शब्द धार्मिक आजादी से टकराते हैं; भाजपा पर मुद्दों से भटकाने का आरोप