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गया युवक भारतीय निकला, कोर्ट ने दी जमानत वाराणसी में अफगानी बनाकर जेल भेजा गए युवक के कोर्ट में वकीलों ने भारतीय नागरिक होने दस्तावेज पेश किए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने पासपोर्ट अधिनियम, आजोजन एवं विदेशी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले में आरोपी अब्दुल रहमान ताराकी को जमानत दे दी। अदालत ने 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की प्रतिभूति प्रस्तुत करने पर आरोपी को रिहा किए जाने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से इंसाफ चैम्बर के वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद नदीम के साथ अधिवक्ता अब्दुल्लाह बिन गफ्फार, जिया उल हक, मोहसिन रजा, तारिक सिद्दीकी, सैफ सिद्दीक ने पक्ष रखा। अभियोजन ने जमानत का किया विरोध 07 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। अभियोजन की ओर से कहा गया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास भारतीय पासपोर्ट बरामद हुआ था, जिसका नंबर V8558322 बताया गया। अभियोजन के अनुसार पासपोर्ट में नाम रहमान शाह पुत्र खानजादा मोहम्मद सय्यद खान दर्ज था, जबकि आरोपी की पहचान अब्दुल रहमान ताराकी पुत्र अब्दुल अजीज के रूप में बताई गई। अभियोजन की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि विवेचक द्वारा आरोपी के दिए गए रिपोर्ट के पैरा संख्या-06 में दर्ज कथन के आधार पर उसके पास अफगानिस्तान का पासपोर्ट होने की बात सामने आई थी। वहीं इमिग्रेशन अधिकारी द्वारा रहमान शाह को ब्लैकलिस्ट किए जाने संबंधी कथन को अभियोजन ने गलत एवं मनगढ़ंत बताया और जमानत का प्रबल विरोध किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अभियोजन के आरोपों का विरोध करते हुए अदालत के समक्ष दस्तावेजों और कथित पहचान को लेकर सवाल उठाए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि आरोपी के पास मिले दस्तावेजों में उसका नाम रहमान शाह पुत्र खानजादा मोहम्मद सय्यद खान दर्ज होना बताया गया है। बचाव पक्ष ने आरोपी को अफगानी नागरिक बताए जाने तथा उसकी कथित पहचान से संबंधित अभियोजन के दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।
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वाराणसी कोर्ट में अफगानी बनाकर जेल गए युवक को जमानत:वकीलों ने दस्तावेजों को भारतीय बताकर मांगी जमानत, 50-50 हजार का बांड भरा