यूके में सस्टेनेबिलिटी के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बने अनंत अंबानी:छात्रों को ग्रीन एनर्जी बताएंगे, 2035 तक नेट कार्बन जीरो का रोडमैप तैयार कर रहे


यूनाइटेड किंगडम की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी को सस्टेनेबिलिटी का प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त किया है। यह नियुक्ति औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन, ग्रीन एनर्जी और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उनके काम को देखते हुए की गई है। वे छात्रों को ग्रीन एनर्जी के बारे में जानकारी देंगे। अनंत रिलायंस इंडस्ट्रीज में ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े काम देख रहे हैं। वे कंपनी को 2035 तक नेट कार्बन जीरो बनाने के रोडमैप पर काम कर रहे हैं। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस एक ऐसी अकादमिक पदवी है, जो अनुभवी प्रोफेशनल्स और ऑपरेशनल लीडर्स के लिए होती है। पारंपरिक अकादमिक पदों के विपरीत, इसके लिए डॉक्टरेट, पीयर-रिव्यूड प्रकाशन या रिसर्च टेन्योर की जरूरत नहीं होती। भारत में यूजीसी ने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की श्रेणी बनाई ऑक्सफोर्ड सैद, वारविक, क्रैनफील्ड और हार्वर्ड जैसी यूनिवर्सिटीज में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के जरिए कॉरपोरेट लीडर्स और प्रोफेशनल्स को अकादमिक क्षेत्र से जोड़ा गया है। न्यूकैसल यूनिवर्सिटी भी इस पद के जरिए गैर-अकादमिक विशेषज्ञों को मान्यता देती है, जिनके पास काम और तकनीकी क्षेत्र का अनुभव है। भारत में यूजीसी ने 2022 में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की श्रेणी बनाई थी। इसके तहत इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स और कॉरपोरेट लीडर्स बिना पीएचडी या रिसर्च पेपर के छात्रों को पढ़ा और मार्गदर्शन दे सकते हैं। वंतारा में 3,500 एकड़ का वन्यजीव केंद्र जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में अनंत के कामों में जामनगर स्थित 3,500 एकड़ का पारिस्थितिक अभयारण्य और रेस्क्यू फैसिलिटी वंतारा भी शामिल है। यहां हाथियों के लिए विशेष स्वास्थ्य देखभाल और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध हैं। वंतारा ने शेर, बाघ, तेंदुए, गैंडे और संकटग्रस्त सरीसृपों सहित हजारों जंगली जानवरों का पुनर्वास भी किया है। इसके 650-बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल में कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। रिलायंस के ग्रीन एनर्जी मिशन से जुड़े अनंत अनंत गुजरात के जामनगर में 5,000 एकड़ में बन रहे धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स के विकास का भी नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें पांच इंटरकनेक्टेड गीगा-फैक्ट्रियां शामिल हैं, जो इंटीग्रेटेड सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर, एडवांस्ड बैटरी स्टोरेज तथा फ्यूल सेल सिस्टम से संबंधित हैं। इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का लक्ष्य 2030 तक 100 गीगावॉट सोलर पावर डिप्लॉयमेंट है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन पहल का लक्ष्य 1 डॉलर प्रति किलो का बेंचमार्क हासिल करना है। सस्टेनेबिलिटी से जुड़े इन प्रयासों में जामनगर में औद्योगिक वनीकरण भी शामिल है, जहां 1 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं।

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