डॉक्टर पिछले 9 साल से कर रहे कांवड़ियों की सेवा:भोजन और मेडिकल सुविधा देने के लिए लगाते हैं फ्री कैंप


सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले कांवरियों की सेवा के लिए डॉक्टरों का समूह पिछले करीब 9 साल से कैंप लगा रहा है। यहां कांवरियों के लिए निशुल्क भोजन, दवा और ड्रेसिंग की व्यवस्था की गई है। पैर में दर्द, चोट या किसी तरह की समस्या होने पर कांवरिए यहां मेडिकल मदद ले सकते हैं। उनके बैठने और आराम करने के लिए छांव में टेंट और कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई है। सुंदरम पांडेय ने बताया कि यह किसी एक संस्था या व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि डॉक्टरों, प्रोफेशनल्स और व्यापारियों समेत सभी लोगों के सहयोग से हर साल आयोजित किया जाता है। पैर में दर्द या चोट पर निशुल्क ड्रेसिंग सुंदरम पांडेय ने बताया कि कैंप में कांवरियों को पैर में दर्द, चोट, बुखार या किसी अन्य परेशानी होने पर निशुल्क मेडिकल मदद दी जाती है। जरूरत पड़ने पर घाव की ड्रेसिंग भी की जाती है। उनका कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान कांवरियों को होने वाली सामान्य परेशानियों में उन्हें मदद मिल सके, इसी उद्देश्य से कैंप लगाया जाता है। भोजन और आराम की भी व्यवस्था कांवरियों के लिए प्रसाद यानी भोजन की भी व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उन्हें आराम करने के लिए सुरक्षित जगह, छांव, टेंट और कुर्सियां उपलब्ध कराई गई हैं। कांवरिए यहां कुछ देर रुककर भोजन कर सकते हैं और आराम करने के बाद अपनी यात्रा आगे जारी रख सकते हैं। 2021 से यहां कर रहे सेवा सुंदरम पांडेय ने बताया कि वे खुद वर्ष 2021 से इस सेवा से जुड़े हैं। हालांकि, समूह की ओर से कांवरियों की सेवा करीब 9 साल से लगातार की जा रही है। इससे पहले अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाए जाते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यहां सेवा की जा रही है। 14 लोगों की टीम, सभी मिलकर जुटाते हैं पैसा उन्होंने बताया कि इस सेवा में करीब 13-14 लोग जुड़े हैं। इनमें डॉक्टर, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग, प्रोफेशनल्स और कुछ व्यापारी भी शामिल हैं। सभी लोग अपनी तरफ से थोड़ा-थोड़ा पैसा जुटाकर कैंप की व्यवस्था करते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें किसी राजनीतिक दल या बाहरी संस्था का सहयोग नहीं लिया जाता। ‘जो चाहे, इस सेवा से जुड़ सकता है’ सुंदरम पांडेय ने बताया कि यह किसी एक व्यक्ति या खास समूह की सेवा नहीं है। जो भी इस सेवा से जुड़ना चाहता है, वह इसमें शामिल हो सकता है। सभी लोग मिलकर कांवरियों की सेवा करते हैं और इसी तरह आगे भी इसे जारी रखने का प्रयास है।

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