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देवरिया जिले के रामपुर कारखाना नगर पंचायत के वार्ड नंबर-1 में पोखरी सुंदरीकरण और छठ घाट बनाने के लिए 54 लाख रुपये मंजूर हुए थे। अब इस पर विवाद हो गया है। सभासदों का आरोप है कि वार्ड में कोई पोखरी नहीं है, फिर भी उसके नाम पर सरकार से पैसा मंजूर कराया गया। शिकायत के बाद जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। सभासदों का दावा है कि विधायक सुरेंद्र चौरसिया के कहने पर पोखरी और छठ घाट के लिए 54 लाख रुपये मंजूर हुए थे। उनका सवाल है कि अगर वार्ड नंबर-1 में पोखरी है ही नहीं, तो प्रस्ताव कैसे बना। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि मंजूर पैसे से दूसरी जगह काम कराने की कोशिश की गई। उन्होंने नगर पंचायत में साल 2023 से अब तक हुए सभी कामों की जांच की भी मांग की है। हालांकि, पुरानी रिपोर्टों में इसी 54 लाख रुपये को देवरिया-कसया मार्ग पर बड़ी बाजार मोड़ के पास प्राचीन निमियहवा पोखरा के सुंदरीकरण और छठ घाट बनाने के लिए मंजूर बताया गया था। अप्रैल 2025 में विधायक सुरेंद्र चौरसिया और नगर पंचायत अध्यक्ष शिवकुमारी देवी की मौजूदगी में वहां भूमि पूजन की खबर भी सामने आई थी। सभासदों और स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद अब जांच कमेटी पैसे की मंजूरी से लेकर काम की जगह और खर्च तक के रिकॉर्ड देखेगी। नगर पंचायत के प्रस्ताव, सरकार से मंजूरी, कार्यादेश और भुगतान से जुड़े कागजात भी जांचे जाएंगे। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष ने सभासदों के आरोपों को गलत बताया है। विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भी कहा है कि अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि 54 लाख रुपये किस जगह और किस काम के लिए मंजूर हुए थे। साथ ही, यह भी पता चलेगा कि निर्माण और भुगतान की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं।
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रामपुर कारखाना में बिना पोखरी के 54 लाख मंजूर:सभासदों ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, डीएम ने बनाई जांच कमेटी