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संभल में बहजोई थाना परिसर में शुक्रवार रात करीब 2 बजे बैरक में सो रहे सिपाही त्रिवेंद्र पंवार को जहरीले सांप ने उंगली में दो बार डंस लिया। साथियों ने घटना के करीब 20 मिनट बाद रात 2:20 बजे उन्हें CHC बहजोई पहुंचाया। डॉक्टरों ने एंटी-वेनम इंजेक्शन देकर इलाज शुरू किया, जिससे उनकी जान बच गई। शनिवार सुबह अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शाम करीब 4 बजे कमजोरी महसूस होने पर उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात 9:30 बजे हालत सामान्य होने पर फिर छुट्टी दे दी गई। ड्यूटी के बाद बैरक में सो रहे थे सिपाही सिपाही त्रिवेंद्र पंवार ड्यूटी खत्म करने के बाद थाना परिसर स्थित बैरक में सो रहे थे। इसी दौरान करीब 4 फीट लंबे बताए जा रहे ‘काली गडार’ सांप ने उनकी उंगली में दो बार डंक मार दिया। सर्पदंश के बाद साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया। एंटी-वेनम देकर बचाई जान CHC बहजोई में डॉक्टरों ने सिपाही को एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया और निगरानी में रखा। करीब छह घंटे बाद उनकी हालत स्थिर हो गई। शनिवार सुबह 10 बजे उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, शाम 4 बजे कमजोरी महसूस होने पर तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उन्हें फिर CHC में भर्ती कराया गया और इलाज के बाद रात 9:30 बजे हालत सामान्य होने पर छुट्टी दे दी गई। थाना परिसर में घूमते सांप का वीडियो वायरल घटना के बाद थाना परिसर में घूमते जहरीले सांप का वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह सांप पिछले तीन-चार दिनों से परिसर में देखा जा रहा था। उसे पकड़ने के कई प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। वीडियो बनाए जाने के दौरान भी सांप फुंकार मारते हुए वहां से निकल गया। ‘सांप काटे तो तुरंत अस्पताल जाएं’ सर्पदंश विशेषज्ञ जाबुल हसन के अनुसार, ‘काली गडार’ बेहद जहरीले सांपों में शामिल है। इसके काटने पर गंभीर लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से सांप के काटने पर अंधविश्वास या झाड़-फूंक के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज मिलने से सर्पदंश के मामलों में जान बचाई जा सकती है।
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संभल में सोते समय सिपाही को जहरीले सांप ने काटा:थाने की बैरक में 2 बार डसा; एंटी-वेनम से बची जान