ADG रमित शर्मा बोले- बरेली में उर्स शांतिपूर्ण संपन्न:ICCC सेंटर से रही पैनी नजर, जोनल इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से 9 जिलों की डिजिटल निगरानी


बरेली में आला हजरत के 108वें उर्स और कांवड़ यात्रा का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। एक साथ दो बड़े धार्मिक आयोजनों के चलते पुलिस और प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ लाखों लोगों की सुरक्षित आवाजाही की चुनौती थी। पुलिस ने जमीनी स्तर पर तैनाती के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया। जोन स्तर पर बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से बरेली समेत रेंज के जिलों में लगे कैमरों के जरिए संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर लगातार नजर रखी गई। नौ जिलों को जोड़कर बनाया गया इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर
एडीजी जोन रमित शर्मा ने इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के निरीक्षण के दौरान बताया कि शासन और डीजीपी के निर्देशों के तहत जोन स्तर पर सभी नौ जिलों को आपस में जोड़कर एक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर तैयार किया गया है। इस सेंटर के माध्यम से नौ जिलों के अलग-अलग चौराहों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगे कैमरों को जोड़ा गया है। कैमरों को उनके आईपी एड्रेस के माध्यम से सेंटर से कनेक्ट किया गया है। इससे अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों की स्थिति की जानकारी एक ही जगह से मिल रही है। एक सेंटर से नौ जिलों की गतिविधियों पर नजर
एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से पूरे जोन में चल रही गतिविधियों को सीधे मॉनिटर किया जा रहा है। प्रमुख स्थानों पर भीड़ की स्थिति, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने में इससे काफी मदद मिली। उन्होंने बताया कि जरूरत के अनुसार संबंधित जिले के अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी जा सकती है। इससे किसी स्थान पर भीड़ बढ़ने, यातायात का दबाव बनने या किसी अन्य स्थिति में समय रहते कार्रवाई करना आसान हुआ। कुल शरीफ के बाद शुरू हुआ जायरीनों का डिस्पर्सल
आला हजरत के 108वें उर्स के अंतिम दिन दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद उर्स में शामिल होने आए जायरीनों की वापसी शुरू हो गई।
एडीजी ने बताया कि कुल शरीफ की रस्म सकुशल संपन्न होने के बाद जायरीनों के डिस्पर्सल की प्रक्रिया शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने उनकी सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही के लिए लगातार काम किया। जमीनी स्तर पर भी मुस्तैद रहा पुलिस बल
एडीजी ने कहा कि केवल तकनीक के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था नहीं छोड़ी गई थी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में मौजूद रहे। प्रमुख मार्गों, उर्स स्थल और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
कमांड कंट्रोल सेंटर से मिलने वाली जानकारी और मौके पर तैनात अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय रखा गया। इससे किसी भी स्थिति पर तत्काल नजर रखने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने में मदद मिली। उर्स और कांवड़ यात्रा ने पेश की सौहार्द की मिसाल
एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि उर्स और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजन एक साथ होने के बावजूद दोनों आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। उन्होंने इसे आपसी सम्मान और सौहार्द की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। वहीं आम लोगों और आयोजन से जुड़े लोगों ने भी सहयोग किया। तकनीक, पुलिस की फील्ड तैनाती और प्रशासनिक समन्वय के जरिए दोनों बड़े आयोजनों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया गया।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *