अंबेडकरनगर में पीएम स्वनिधि योजना धीमी:1,911 आवेदन बैंकों में लंबित, लाभार्थी परेशान


अंबेडकरनगर में रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को स्वरोजगार से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। बैंक स्तर पर बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने से पात्र लाभार्थियों को ऋण मिलने में देरी हो रही है। हालत यह है कि कई दुकानदार योजना का लाभ पाने के लिए बैंक और नगर निकाय कार्यालयों के लगातार चक्कर काट रहे हैं। मार्च से जून के बीच जिले के सातों नगर निकायों में योजना के प्रथम चरण के तहत 12,569 स्ट्रीट वेंडरों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके मुकाबले अब तक 9,595 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 1,911 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, एचडीएफसी बैंक और इंडियन बैंक में सबसे अधिक आवेदन अटके हुए बताए जा रहे हैं। लंबित फाइलों के कारण योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है। बढ़ाई गई ऋण सीमा से कारोबार बढ़ाने की उम्मीद सरकार ने योजना के तहत मिलने वाली ऋण राशि में भी बढ़ोतरी की है। पहली किस्त की सीमा 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई है। दूसरी किस्त 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है, जबकि तीसरी किस्त के तहत 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडरों को अपना कारोबार विस्तार देने में मदद मिलने की उम्मीद है। इन कारोबारियों को मिल सकता है योजना का लाभ डूडा परियोजना अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में सैलून संचालक, मोची, पनवाड़ी, धोबी, फल और सब्जी विक्रेता सहित अन्य स्ट्रीट वेंडर इस योजना का लाभ लेने के पात्र हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट आकार का फोटो आवश्यक है। शिविर लगाकर किए जा रहे आवेदन, लंबित फाइलों के निस्तारण का दावा परियोजना अधिकारी के अनुसार, योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर पात्र दुकानदारों से संपर्क किया जा रहा है। सत्यापन के बाद आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। विभाग का कहना है कि बैंकों के साथ समन्वय बनाकर लंबित आवेदनों को जल्द स्वीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का फायदा मिल सके।

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