न्यू नोएडा के पहले फेज में 37 गांवों का सर्वे:बनेगा सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल हब , 209 वर्गकिमी में बसेगा शहर, चार फेज में होगा काम


न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक कदम और बढ़ा दिया है। लेखपालों ने न्यू नोएडा में किसानों से जमीन लेने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। जिसके चलते नए शहर को बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी। यहां आपसी सहमति से ही किसानों से जमीन ली जाएगी। जिसके लिए पहले फेज में 31 गांवों में कैंप लगाए जाएंगे। सर्वे के लिए पांच लेखपालों की टीम लगी है। हाल ही में इनकी नियुक्ति न्यू नोएडा के लिए ही की गई थी। यह लेखपाल संबंधित गांवों में पहुंचकर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन और जमीन की स्थिति का आकलन करेंगे। इस सर्वे के दौरान खेतों की वर्तमान स्थिति, मालिकाना हक, खसरा-खतौनी के विवरण और आबादी क्षेत्र से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
इन गांव में पहले फेज में लगेगा कैंप
पहले फेज में 37 गांव को लिस्ट किया गया है। इसमें 24 गांव बुलंदशहर के और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर के है। जिसमें बुलंदशहर के बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनुपर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुद्र, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालन, सेरपुर, सिकरा गांव शामिल है। गौतमबुद्ध नगर के ये गांव शामिल
आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशनुपर, फूलपुर, सैंथली को शामिल किया गया है। न्यू नोएडा का बन रहा जीआईएस सिस्टम
80 गांवों को मिलाकर विकसित किए जाने वाले इस नए शहर के लिए नोएडा प्राधिकरण ने विभिन्न विभागों और संबंधित प्राधिकरणों से जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) आधारित भू-स्थानिक डेटा मांगा है। इसमें नदियां, नहरें, तालाब, आंतरिक और मुख्य सड़कें, हाईवे समेत अन्य प्राकृतिक और आधारभूत संरचनाओं की जानकारी शामिल होगी। इसके आधार पर जीआईएस सिस्टम बनाया जाएगा।
चार चरणों में विकसित होगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 209.11 वर्ग किलोमीटर (20,911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा। किसानों से सहमति के आधार पर ली जाएगी जमीन
प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा नीति तय कर दी है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी। मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है।
जिन किसानों को विकसित भूखंड की सुविधा नहीं चाहिए, उन्हें 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, जो किसान 7 प्रतिशत विकसित प्लॉट लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें 3800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *