Maruti Suzuki Brezza 2026 Launch

नई दिल्ली53 मिनट पहले

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मारुति सुजुकी की पॉपुलर SUV ब्रेजा कंपनी की सबसे सेफ कार बन गई है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP या भारत NCAP) के क्रैश टेस्ट में इसे एडल्ट और चाइल्ड दोनों की सेफ्टी के लिए 5-5 स्टार रेटिंग मिली है, जो इसके सभी वैरिएंट्स पर लागू होगी।

कंपनी इस कार को कल यानी 24 जुलाई 2024 को लॉन्च करेगी। भारतीय एजेंसी के क्रैश टेस्ट रिजल्ट के अनुसार, अपकमिंग 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा को एडल्ट सेफ्टी के लिए 32 में से 30.41 और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 49 में से 43 पॉइंट मिले हैं।

इससे पहले मारुति की डिजायर को एडल्ट के लिए 29.46 और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 41.57 पॉइंट मिले थे। हालांकि, मारुति विक्टोरिस और ग्रैंड विटारा को बच्चों की सेफ्टी के लिए सबसे ज्यादा 44 पाइंट मिल चुके हैं।

आइए जानते हैं क्रैश टेस्ट में दोनों कारों का स्कोर क्या रहा…

2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा: भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट डिकोड

भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का फ्रंटल इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का फ्रंटल इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का साइड इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का साइड इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का साइड पोल इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट।

भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का साइड पोल इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट।

2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा: एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट

फ्रंटल इंपैक्ट टेस्ट: 64kmph की स्पीड में हुए फ्रंटल इंपैक्ट टेस्ट में ब्रेजा को 16 में से 14.41 अंक मिले। इसमें ड्राइवर के सिर, गर्दन, कमर, जांघ और टखने की प्रोटेक्शन को ‘अच्छा’ बताया गया। वहीं, छाती और दोनों पैरों की टिबिया (घुटने और टखने के बीच का हिस्सा) की सुरक्षा को पर्याप्त पाया गया।

वहीं, साइड पैसेंजर के सिर, गर्दन, छाती, कमर, जांघ, टिबिया और टखने की प्रोटेक्शन को ‘अच्छा’ बताया गया। इसका फुटवेल एरिया और बॉडीशेल इंटीग्रिटी ‘स्थिर’ बताई गई है।

साइड इम्पेक्ट टेस्ट: सेडान का 50kmph की स्पीड से साइड इंपैक्ट टेस्ट किया गया, जिसमें इसे 16 में से 16 अंक मिले। इस टेस्ट में सिर, पेट, छाती और कमर के हिस्से को ‘अच्छा’ प्रोटेक्शन मिला।

साइड पोल इम्पेक्ट टेस्ट: इस टेस्ट में ड्राइवर के सिर, छाती, पेट और कमर की सेफ्टी को अच्छा पाया गया। इन तीनों टेस्ट की परफॉर्मेंस के बेस पर ब्रेजा को एडल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 32 में से 30.41 पॉइन्ट मिले, जो 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग के लिए काफी है।

2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा: चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट

इस टेस्ट में 18 महीने और एक 3 साल के बच्चे की डमी को चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम पर उल्टी दिशा की तरफ रखा गया। मारुति ब्रेजा को चाइल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 49 में से 43 अंक मिले, जिससे इस कैटेगरी में 5 स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग मिली।

इस कैटेगरी में कार डायनामिक स्कोर 24 में से 24, चाइल्ड रेस्टरेंट सिस्टम (CRS) इंस्टॉलेशन स्कोर 12 में से 12 और व्हीकल असिसमेंट स्कोर 13 में से 7 रहा।

क्रैश टेस्ट में 3 साल के बच्चे की डमी ने फ्रंटल क्रैश टेस्ट में 8 में से 8 अंक और साइड क्रैश टेस्ट में 4 में से 4 अंक हासिल किए। वहीं, 18 महीने के बच्चे की डमी ने फ्रंटल क्रैश टेस्ट में 8 में से 8 अंक और साइड क्रैश टेस्ट में 4 में से 4 अंक हासिल किए। हालांकि, प्रोटेक्शन के लेवल्स की जानकारी तो शेयर नहीं की गई है।

क्रैश टेस्ट में चाइल्ड प्रोटेक्शन के लिए बच्चों की डमी रखी गई।

क्रैश टेस्ट में चाइल्ड प्रोटेक्शन के लिए बच्चों की डमी रखी गई।

कार में मिलेंगे 6 एयरबैग्स और ESC जैसे एडवांस फीचर्स

भारत NCAP ने क्रैश टेस्ट के लिए 2026 ब्रेजा के ‘ZXI+ 1.5L 6AT’ वैरिएंट का इस्तेमाल किया था। इस वैरिएंट में सेफ्टी के लिए कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं:

  • 6 एयरबैग्स
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल
  • सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर
  • फ्रंट सीटों पर सीट बेल्ट प्री-टेंशनर्स
  • रियर सीटों पर ISOFIX चाइल्ड-सीट एंकरेज

क्रैश टेस्ट की प्रोसेस

1. टेस्ट के लिए इंसान जैसी 4 से 5 डमी को कार में बैठाया जाता है। बैक सीट पर बच्चे की डमी होती है, जो चाइल्ड ISOFIX एंकर सीट पर फिक्स की जाती है।

2. गाड़ी को फिक्स्ड स्पीड पर ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर (हार्ड ऑब्जेक्ट) से टकराकर देखा जाता है कि गाड़ी और डमी को कितना नुकसान पहुंचा है। ये तीन तरीके से किया जाता है।

  • फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में कार को 64 kmph की रफ्तार पर बैरियर से टकराया जाता है।
  • साइड इम्पैक्ट टेस्ट में गाड़ी को 50 kmph की स्पीड पर बैरियर से टकराया जाता है।
  • पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट में कार को फिक्स स्पीड पर पोल से टकराकर देखा जाएगा। पहले दो टेस्ट में कार के 3 स्टार रेटिंग हासिल करने पर तीसरा टेस्ट किया जाता है।

3. टेस्ट में देखा जाता है कि इम्पैक्ट के बाद डमी कितनी डैमेज हुई, एयरबैग और सेफ्टी फीचर्स ने काम किया या नहीं। इन सभी के आधार पर रेटिंग दी जाती है।

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