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लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को ‘दावत-ए-खास’ कार्यक्रम में घर के बने पारंपरिक और हेल्दी व्यंजनों की खुशबू बिखरी। कॉन्फेडरेशन ऑफ वूमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया (COWE) के उत्तर प्रदेश चैप्टर की ओर से आयोजित प्रीमियर क्यूलिनरी कुकिंग प्रतियोगिता में शहर की 100 से अधिक महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य मुख्य अतिथि रहीं, जबकि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। महिलाओं के नवाचार की भी सराहना कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उन्हें हमेशा से घर का बना भोजन पसंद है। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों को देखकर भारतीय खानपान की विविधता और समृद्ध परंपरा का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने स्वाद, पोषण और स्वास्थ्य का बेहतरीन संतुलन प्रस्तुत किया है। साथ ही महिलाओं के स्वरोजगार और नवाचार की भी सराहना की। ‘मेरे पति को भी खाना बनाना बहुत पसंद था’ : अपर्णा यादव राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने महिलाओं की सराहना करते हुए अपनी एक व्यक्तिगत याद साझा की। उन्होंने कहा, “मेरे पति को भी खाना बनाना बहुत पसंद था।” उन्होंने कहा कि जैसा अन्न होता है, वैसा ही मन बनता है। इसलिए भोजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होना चाहिए। आज के समय में जब इंस्टेंट फूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में घर का बना हेल्दी भोजन सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने अपराजिता के फूल से बनी खांडवी और चुकंदर से तैयार विभिन्न व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय रसोई में पोषण से भरपूर कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। सुमन श्रीवास्तव बनीं प्रथम विजेता प्रतियोगिता में इंदिरानगर की सुमन श्रीवास्तव प्रथम विजेता रहीं। उन्होंने बताया कि वह ‘साईं की रसोई’ नाम से एक क्लाउड किचन संचालित करती हैं। प्रतियोगिता में उन्होंने हेल्दी स्नैक्स, चावल और आटे के फरे, वेज कबाब, सूजी के अप्पे, हेल्दी कचौड़ी और चिकन काली मिर्च समेत कई व्यंजन प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि सिलबट्टे पर तैयार की गई चटनी और उनकी हेल्दी रेसिपी निर्णायकों को सबसे अधिक पसंद आई, जिसके आधार पर उन्हें प्रथम पुरस्कार मिला। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की पाक-कला, पोषण के प्रति जागरूकता और उद्यमिता को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता के माध्यम से महिलाओं के कौशल विकास और खाद्य उद्योग में उनके योगदान को प्रोत्साहित किया गया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक और नवाचारी व्यंजनों के जरिए अपनी उत्कृष्ट पाक-कला का प्रदर्शन किया।
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लखनऊ में महिलाओं ने परोसे हेल्दी और पारंपरिक व्यंजन:दावत-ए-खास' में पाक-कला का दिखा हुनर