कानपुर में 171 कछुओं के साथ तस्कर गिरफ्तार:शक्तिवर्धक दवाओं के लिए चीन और हांगकांड सप्लाई किए जाते थे, STF ने करायी FIR


लखनऊ एसटीएफ ने हरबंश मोहाल के पास रेलवे क्रासिंग से एक कछुआ तस्कर को धर दबोचा। तस्कर के पास से प्रतिबंधित प्रजातियों के 171 कछुए बरामद हुए। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक तस्कर बंगाल के गिरोह से संपर्क में रहकर इन कछुओं को सप्लाई करता था। फिर उसी गैंग के जरिए से उन कछुओं को बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया समेत कई देशों में शक्तिवर्धक दवाओं में उपयोग करने के लिए भेजा जाता है। प्रतिबंधित प्रजातियों के तस्करी की मिल रही थी सूचना एसटीएफ के दरोगा फैजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि काफी समय से प्रतिबंधित प्रजातियों के कछुओं की तस्करी करने की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर टीम ने तस्करों के खिलाफ जाल बिछा के रखा था। शनिवार को जानकारी हुई कि कुछ तस्कर काफी संख्या में कछुओं की तस्करी के लिए शहर आने वाले हैं। इस पर उनकी टीम व वन विभाग ऑपरेशन के तहत हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र में रेलवे क्रासिंग के पास तस्करों का इंतजार करने लगी। इसी दौरान एक तस्कर क्रासिंग के पास दिखा, जिसे एसटीएफ ने दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम फतेहगढ़ के कमालगंज थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी जाहिद अली बताया। फतेहगढ़ के आसपासस के जिलों से पकड़ते थे उसके पास से प्रतिबंधित प्रजाति के 171 कछुए (इंडियन रूफर्ड टर्टल), मोबाइल फोन व आधार कार्ड बरामद हुआ। आरोपी तस्कर ने बताया कि वह फतेहगढ़ के आसपास के जिलों के तलाबों व नदियों से कछुआ तस्करों के जरिए से कछुए एकत्रित करते हैं। इसके बाद कानपुर के तस्करों के साथ मिलकर उन्हें बिहार व बंगाल सप्लाई करते हैं, जहां से कछुए विदेश भेजे जाते हैं। एसटीएफ के दरोगा ने आरोपी के खिलाफ वन रेंज में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। यूपी में 11 प्रजातियां तस्करों के निशाने पर एसटीएफ के मुताबिक भारत में कछुओं की 29 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 15 उत्तर प्रदेश में मिलती हैं। इनमें से 11 प्रजातियों का अवैध कारोबार किया जाता है। गंगा, यमुना, चंबल, गोमती, घाघरा और गंडक जैसी नदियां तस्करों के लिए प्रमुख स्रोत बनी हुई हैं। कछुओं के मांस व उनकी झिल्ली को सुखाकर शक्तिवर्धक दवाएं बनाई जाती है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *