हाईकोर्ट में अपहरण मामले की सुनवाई में लगे 24 साल:तारीख पे तारीख आती रही और आरोपी ने पीड़िता से शादी कर ली, 3 बच्चे भी हुए


इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अपहरण मामले में अहम जानकारी सामने आई तो जज चिंतित हो गए। जज ने कहा कि तारीख पे तारीख की स्थिति को देश की न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं बनने दिया जा सकता। दरअसल, 2001 में एक पिता ने 15 साल की बेटी के अपहरण का आरोप एक व्यक्ति पर लगाया था। तब से मामले की सुनवाई चल रही थी। मामले में 24 साल बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया। असलियत यह है कि जिस पर अपहरण का आरोप था, उसने उसी लड़की से बाद में शादी कर ली। अब दोनों के 3 बच्चे भी हैं। न्यायालय ने कहा कि 24 साल पुराने मामले का इस तरह लंबित रहना और अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना बेहद चिंताजनक है। न्यायालय ने आरोपी को अग्रिम जमानत दी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मुकदमे की सुनवाई में इतनी लंबी देरी को व्यक्ति के त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया। इसके साथ ही बहराइच निवासी आरोपी अजय कुमार उर्फ छिनगी और अन्य को अग्रिम जमानत दे दी। अभियोजन के अनुसार, 12 दिसंबर 2001 को एक व्यक्ति ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अजय कुमार ने शादी की नीयत से उसका अपहरण किया है। पुलिस ने जांच पूरी कर अप्रैल 2002 में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई थी रोक इसके बाद आरोपियों को अदालत से समन जारी हुए। हालांकि, आरोपियों की याचिका पर न्यायालय ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। बाद में याचिका खारिज होने के बावजूद मुकदमे की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी और मामला 24 साल से अधिक समय तक लंबित रहा। अग्रिम जमानत की सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि जिस लड़की के अपहरण का आरोप अजय कुमार पर लगाया गया था, बाद में दोनों ने शादी कर ली। अब उनके तीन बच्चे हैं और वे अपना वैवाहिक जीवन जी रहे हैं। इसके बावजूद इतने वर्षों बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया था। न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद-21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष और त्वरित सुनवाई का अधिकार है। अदालत ने आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने, मुकदमे में हुई असाधारण देरी और उनके वर्तमान पारिवारिक जीवन को देखते हुए अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *