नई दिल्ली8 मिनट पहले
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20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र सरकार लोकसभा में सात अहम बिल पेश कर सकती है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक सरकार ने वंदे मातरम के अपमान और विदेशी चंदा कानून में संशोधन से जुड़ा बिल लिस्ट किया है।
लोकसभा में पेश किए जाने वाले सात बिलों में विदेशी चंदा कानून में संशोधन (FCRA), वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा, हायर एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, MSME और इनकम टैक्स से जुड़े संशोधन शामिल हैं।
वहीं 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में कांग्रेस समेत विपक्षी दल NEET-UG पेपर लीक, अन्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, E20 ईंधन और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज, इनकम टैक्स में होगा बदलाव, 7 बिल के बारे में जानें…
1. FCRA कानून में होंगे बड़े बदलाव
- सरकार फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन बिल, 2026 से विदेश से मिलने वाले चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
- नए नियमों के मुताबकि, अगर किसी संस्था का FCRA रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाता है और उसका नवीनीकरण नहीं होता या सरकार उसे नवीनीकरण देने से इनकार कर देती है।
- ऐसे स्थिति में उस संस्था को मिले विदेशी चंदे और उससे बनी संपत्तियों की निगरानी सरकार कर सकेगी। जरूरत पड़ने पर सरकार इन संपत्तियों को अपने नियंत्रण में भी ले सकेगी। इसके लिए एक अलग अथॉरिटी भी बनाई जाएगी।
- इस बिल का केरल के कई ईसाई संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) ने विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे उनके कामकाज पर असर पड़ सकता है। हाल ही में ईसाई नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर अपनी चिंताएं भी बताई थीं।
2. वंदे मातरम को मिलेगी कानूनी सुरक्षा
- सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 भी संसद में पेश करेगी। इस बिल का मकसद वंदे मातरम को भी जन गण मन की तरह कानूनी सुरक्षा देना है।
- अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो जानबूझकर वंदे मातरम का अपमान करने, उसके गायन में बाधा डालने या उसका अनादर करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। इसे दंडनीय अपराध माना जाएगा।
3. उच्च शिक्षा के नियामक ढांचे में बड़ा बदलाव
- सरकार विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 भी संसद में पेश करेगी। यह पहले हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) बिल के नाम से जाना जाता था।
- प्रस्तावित कानून के तहत UGC, AICTE और NCTE की जगह एक एकीकृत नियामक व्यवस्था बनाई जाएगी। पहली बार राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (INI) को भी इस नियामक ढांचे में शामिल किया जाएगा।
- हालांकि बिल के एक प्रावधान को लेकर विवाद है, जिसमें आयोग को केंद्र सरकार के नीति निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा और किसी मतभेद की स्थिति में सरकार का फैसला अंतिम माना जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मौजूदा कानूनी व्यवस्था में कोई मूलभूत बदलाव नहीं होगा। इस विधेयक की समीक्षा संयुक्त संसदीय समिति (JPC) कर चुकी है।
4. इनकम टैक्स कानून में भी संशोधन
- सरकार इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026 भी लाएगी, जो पहले जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेगा।
- इसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना, भारत के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूत बनाना और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच पूंजी प्रवाह बढ़ाना है।
5. सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज
- सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 के जरिए शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के अध्यादेश को कानून का रूप दिया जाएगा।
6. जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियम होंगे सख्त
- सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी।
- प्रस्ताव के अनुसार यदि जन्म या मृत्यु की सूचना दो वर्ष से अधिक समय बाद दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से ही हो सकेगा। अभी ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम या कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति से पंजीकरण संभव है।
7. MSME के लिए भुगतान व्यवस्था होगी मजबूत
- माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य बदलते कारोबारी माहौल के अनुरूप MSME कानून में सुधार करना है।
- इसके तहत छोटे उद्योगों को भुगतान में देरी से जुड़े विवादों के समाधान की व्यवस्था मजबूत की जाएगी, मध्यस्थता के फैसलों को प्रभावी बनाया जाएगा और राज्यों को अधिक माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल (MSEFC) गठित करने की सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार करना आसान होगा और MSME क्षेत्र में भरोसे पर आधारित नियमन विकसित होगा।
