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झांसी में अनुसूचित जाति की नौकरानी से रेप के आरोपी रिटायर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल को कोर्ट से झटका लगा है। एससीएसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि 2025 में नौकरानी ने नवाबाद थाने में केस दर्ज कराया था। 79 साल के डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल कानपुर रोड पर आवास विकास कॉलोनी में रहते हैं। साथ ही वीरांगना नगर में एक प्राइवेट अस्पताल चलाते हैं। झाड़ू-पोछा का काम करती थी विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह और कपिल कैरोलिया ने बताया- एक महिला ने मई 2025 को नवाबाद थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि वह डाॅ. बद्री प्रसाद अग्रवाल के यहां झाडू पोछा का काम करती थी। लगभग 3-4 साल से काम कर रही है। 4 नवंबर 2024 को डॉक्टर ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिया दिया। नशे की हालत में रेप किया। होश आने पर विरोध किया तो डॉक्टर ने उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। जाति सूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने रेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। तब डॉक्टर हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी आराेप पत्र प्रेषित किए जाने तक स्थगित कर दी थी। अब डॉक्टर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी।
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रेप केस में डॉक्टर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज:झांसी में नौकरानी ने रिटायर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पर दर्ज कराया था केस