लखनऊ में 'यूं गुजरी है अब तलक' का विमोचन:साहित्यकार बोले- रंगमंच से साहित्य तक के सफर को शब्दों में पिरोया


लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल हिल्टन गार्डन में आत्मकथा ‘यूं गुजरी है अब तलक’ का विमोचन किया गया। क्लब स्पिरिचुअल बाय अक् के सहयोग से मंगलवार को आयोजित समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। भारतीय रंगमंच, साहित्य और सिनेमा की चर्चित चेहरा सीमा कपूर की आत्मकथा की साहित्यकारों ने सराहना की। पुस्तक का संयुक्त विमोचन वरिष्ठ कवि उदय प्रताप सिंह, भारतेन्दु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रति शंकर त्रिपाठी, स्वामी ओमा द अक्, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम और बरेली छावनी बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने किया। साहित्य से जुड़ी उनकी जीवन यात्रा का दस्तावेज इस अवसर पर सीमा कपूर ने बताया कि यह पुस्तक केवल उनकी आत्मकथा नहीं है, बल्कि संघर्ष, रिश्तों, रंगमंच, सिनेमा और साहित्य से जुड़ी उनकी पूरी जीवन यात्रा का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि इसे तैयार करने में आठ वर्ष लगे हैं। कपूर ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने की प्रेरणा देगी। पुस्तक में उनके जीवन के अनुभवों, संघर्षों और यादों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत वरिष्ठ कवि उदय प्रताप सिंह ने पुस्तक को पारंपरिक आत्मकथा से आगे बढ़कर एक संवेदनशील जीवन-दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि इसमें संघर्ष, आत्मविश्वास, संवेदना और रचनात्मकता का प्रभावी समन्वय है। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रति शंकर त्रिपाठी ने सीमा कपूर के रंगमंच और साहित्य में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नई पीढ़ी के रंगकर्मियों और साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी। स्वामी ओमा द अक् ने साहित्य को समाज और जीवन को दिशा देने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि आत्मकथा आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों को मजबूती से प्रस्तुत करती है। इस कार्यक्रम में साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी उपस्थित थे।

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