संभल में दो थाना प्रभारियों के तबादले:शाह फैसल को ऐंचौड़ा कम्बोह, लवनीश कुमार को बबराला की कमान


संभल पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जिले में दो थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। मौ. शाह फैसल को थाना ऐंचौड़ा कम्बोह का नया थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि लवनीश कुमार को थाना बबराला का प्रभारी नियुक्त किया गया है। दोनों के तबादले के आदेश सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि करीब 12:15 बजे जारी किए गए। मौ. शाह फैसल संभल हिंसा के दौरान दीपा सराय पुलिस चौकी पर तैनात थे। हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने उनकी सरकारी बाइक को आग लगाने का प्रयास किया था। इसके बाद थाना नखासा में दर्ज मुकदमों की विवेचना और दीपा सराय पुलिस चौकी के नाम पर रखे गए लोहे के ढांचे को हटवाकर वहां स्थायी पुलिस चौकी का निर्माण कराने में उनकी अहम भूमिका रही। उद्घाटन से पहले हुआ था तबादला दीपा सराय पुलिस चौकी के उद्घाटन से पहले ही एसपी ने शाह फैसल का तबादला कर दिया था। इसके बाद उन्हें थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की सिरसी पुलिस चौकी और फिर थाना बनियाठेर क्षेत्र की नरौली पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया। अब उन्हें ऐंचौड़ा कम्बोह थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई थी हिंसा 19 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर चंदौसी की सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था। कोर्ट के आदेश पर पहले चरण का सर्वे 19 नवंबर और दूसरा चरण 24 नवंबर 2024 को हुआ। दूसरे चरण के सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। घटना में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, सीओ अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। 12 मुकदमे दर्ज, कई आरोपियों पर कार्रवाई हिंसा के बाद संभल कोतवाली और थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत कई लोगों को नामजद करते हुए 2750 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर सुहैल इकबाल का नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया गया। इंतेजामिया कमेटी के सदर भी गए थे जेल शाही जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को 24 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 131 दिन मुरादाबाद जेल में रहने के उपरांत उन्हें 1 अगस्त 2025 को रिहा किया गया।

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