सुप्रीम कोर्ट हंगामे का आरोपी प्रबल प्रताप:इटावा में किसान-मजदूर परिवार से, गांव में शांत स्वभाव की पहचान


इटावा के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हुए कथित हंगामे के मामले में चर्चा में आए भरथना क्षेत्र के युवक प्रबल प्रताप यादव के परिवार और ग्रामीण उसकी इस हरकत से स्तब्ध हैं। स्वजन और गांव के लोगों का कहना है कि प्रबल हमेशा शांत, कम बोलने वाला और विवादों से दूर रहने वाला युवक रहा है। इसलिए उस पर लगे आरोपों की खबर से पूरे गांव में हैरानी का माहौल है। भरथना थाना क्षेत्र के नगला जयलाल गांव निवासी प्रबल प्रताप यादव एक साधारण किसान-मजदूर परिवार से हैं। उनके पिता सुरेंद्र सिंह यादव खेती करने के साथ भरथना की एक दुकान पर काम करते हैं। परिवार के पास करीब ढाई बीघा कृषि भूमि है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद परिजनों ने उसकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। प्रबल भी लखनऊ में एलएलबी की पढ़ाई के साथ निजी कार्य कर अपनी शिक्षा का खर्च स्वयं उठाता है। प्रबल की मां कुंती देवी ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा एसएवी इंटर कॉलेज से हुई। इसके बाद उसने सूतियानी स्थित एसएस मेमोरियल कॉलेज से स्नातक और हेंवरा कॉलेज से बीएड की पढ़ाई पूरी की। बीएड के बाद उसने एलएलबी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर करीब दो वर्ष पहले लखनऊ में दाखिला लिया। वर्तमान में वह विश्वविद्यालय परिसर के पास किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा है और उसकी एलएलबी का एक वर्ष शेष है। परिजनों के अनुसार 4 जुलाई 2024 को कुंती देवी के हृदय ऑपरेशन के दौरान प्रबल लगातार उनके साथ रहा। वहीं 12 मई को उसने अपने ताऊ रविंद्र सिंह यादव के आगरा में हुए हृदय ऑपरेशन के दौरान भी उनकी देखभाल की, जिसके बाद वह सीधे दिल्ली चला गया था। परिवार में प्रबल की दो बहनें प्रिया और संध्या हैं, जिनका विवाह हो चुका है। आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण घर में केवल एक कमरा और बरामदा बना है। छत पर जाने के लिए आज भी परिवार लकड़ी की सीढ़ी का उपयोग करता है। ग्रामीण सचिन यादव, सुनील कुमार, विशाल और अन्य लोगों का कहना है कि प्रबल का स्वभाव बेहद शांत था। वह हमेशा लोगों को झगड़ों और विवादों से दूर रहने की सलाह देता था। गांव में उसकी पहचान पढ़ाई करने वाले सीधे-सादे युवक के रूप में रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में उसके द्वारा कथित हंगामा किए जाने की खबर से पूरा गांव हैरान है।

स्वजनों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रबल प्रताप यादव का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है और सभी यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर उससे ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हो गई।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *