यूपी में 8 जुलाई से हो रही अच्छी बारिश के बाद अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को प्रदेश के 51 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें 16 जिलों बहुत ज्यादा बारिश की चेतावनी है।
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जबकि पश्चिमी यूपी में गंगा और उसकी सहायक मालन नदी उफान पर है। बिजनौर में कई जगह पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके चलते मेरठ-बिजनौर हाईवे, हरिद्वार रोड समेत कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं। मेरठ में नेशनल हाईवे की बाउंड्रीवॉल धंस गई।
शनिवार को मेरठ में रेलवे अंडरपास में करीब 10 फीट पानी भरने से एक तांगा डूब गया। हादसे में तांगा चालक और घोड़े की मौत हो गई। हापुड़ में भारी बारिश से अंडरपास में पानी भर गया, जिससे THAR डूब गई। बाद में जेसीबी की मदद से उसे बाहर निकाला गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में यूपी में सबसे ज्यादा सुल्तानपुर में 63.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को प्रदेश में 10.3 मिमी बारिश हुई, औसतन 10.4मिमी होनी चाहिए थी। .1% कम बारिश हुई।
बारिश और उससे जुड़े हादसों में प्रदेश में पिछले 4 दिनों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 4 मौतें गाजियाबाद में हुई हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
बारिश की तस्वीरें देखिए-

बिजनौर में मालन नदी उफान पर है। कई जगह नदी का पानी छोटे-छोटे पुलों के ऊपर से बह रहा है।

मेरठ में अंडरपास में 5 फीट पानी भर गया। इसमें कार डूब गई। कार सवार दो युवकों को पुलिस ने रस्सी के सहारे बचाया।

हापुड़ में 2 दिन हुई जोरदार बारिश के बाद गांव दादरी के अंडरपास में पानी भर गया। इसमें थार कार डूब गई। जेसीबी की मदद से उसे बाहर निकाला गया।

मेरठ में नेशनल हाईवे की बाउंड्री वॉल धंस गई। एक महीना पहले ही यह बाउंड्री वॉल बनी थी।
बिजनौर में 4 लड़के बहे, मुजफ्फरनगर में नहर टूटी
इससे पहले, भारी बारिश की वजह से शुक्रवार शाम 4 बजे बिजनौर में 2 हादसों में चार लड़के नदी के तेज बहाव में बह गए। एक को बचाया गया है, बाकी की तलाश जारी है। सहारनपुर में कब्रिस्तान की मिट्टी बह गई। कब्रों में दफन शव बहकर बाहर आ गए। मुजफ्फरनगर में नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई।
प्रदेश में अब तक 16% कम बरसात

3-4 दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-
बंगाल की खाड़ी में बना बारिश का सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच गया है। इसका असर यूपी पर पड़ रहा है। इसलिए प्रदेश में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। अगले 3-4 दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ज्यादातर शहरों में हल्की से मध्यम और कई शहरों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।


यूपी में जून से सितंबर के बीच 8% बारिश कम हो सकती है
सीनियर साइंटिस्ट अतुल सिंह बताते हैं- इस साल यूपी समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। आमतौर पर यूपी में जून से सितंबर के बीच करीब 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन, इस साल 8% कम यानी लगभग 754 से 773 मिलीमीटर तक ही पानी बरसेगा।
यूपी में पिछले 10 साल में मानसून कब आया, ग्राफिक्स में देखिए

पिछले साल 10 से 15% ज्यादा बरसा था मानसून मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रही।
यूपी में मानसून में कम बारिश की संभावना की वजह जानिए
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं, जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।