1992 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) प्रयागराज की टीम को बड़ी सफलता मिली है। विशेष पीएमएलए कोर्ट, लखनऊ ने जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड समेत 25 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ ईडी की प्रयागराज सब जोनल ऑफि
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फर्जी रिकॉर्ड बनाकर लिया ज्यादा कर्ज ईडी की जांच के मुताबिक कंपनी ने कारोबार, स्टॉक और खातों से जुड़े फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए। टर्नओवर बढ़ाकर दिखाया गया और नुकसान छिपाया गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंकों के समूह से लगातार ज्यादा कर्ज लिया गया। बाद में कंपनी कर्ज चुकाने में नाकाम रही और बैंकों को करीब 1992 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसके बाद लोन खाते एनपीए हो गए। 13 जगह छापेमारी, अहम दस्तावेज मिले जांच के दौरान ईडी ने आरोपियों से जुड़े 13 ठिकानों पर छापेमारी की। यहां से कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और दूसरे सबूत मिले। आरोपियों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। बैंक रिकॉर्ड और कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की गई। 878.67 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है जब्त ईडी इस मामले में पहले ही 878.67 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इन जब्ती आदेशों को संबंधित प्राधिकरण ने भी मंजूरी दे दी है। जांच अभी जारी ईडी ने इस मामले में जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सत्य नारायण झुनझुनवाला, अनिल कुमार खेमका समेत 25 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी। विशेष कोर्ट ने अब इसका संज्ञान ले लिया है। अफसरों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।