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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की पुनरीक्षित महायोजना 2031 को लागू हुए 2 साल बीत चुके हैं। लेकिन यह केवल प्राधिकरण के पुराने क्षेत्रों पर लागू होता है। विस्तारित क्षेत्र की महायोजना अब तक तैयार नहीं है यानी यहां भू उपयोग का निर्धारण नहीं हो सका। महायोजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी फर्म के चयन का प्रयास चल रहा है लेकिन 3 बार रिक्वेस्टर फार प्रपोजल (RFP) जारी होने के बाद भी कोई फर्म नहीं मिली। अब चौथी बार 18 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। भू उपयोग निर्धारण न होने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में नोटिफिकेशन हो जाने के कारण अब यहां कोई निर्माण तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक प्राधिकरण भू उपयोग न निर्धारित कर दे। पहले जिला पंचायत से भी मानचित्र पास हो जाता था लेकिन अब वह विकल्प भी खत्म हो चुका है। GDA यहां निर्माण तो रोक देता है लेकिन मानचित्र पास करने के सवाल पर चुप हो जाता है। जानिए क्या है विस्तारित क्षेत्र के महायोजना की स्थिति विस्तारित क्षेत्र की महायोजना तैयार करने के लिए अहमदाबाद की एक कंसल्टेंट फर्म को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन कार्य में अपेक्षित प्रगति न होने पर उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया। इसके बाद जीडीए ने अमृत 2.0 योजना के तहत नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के माध्यम से नई महायोजना तैयार कराने की योजना बनाई। इसके लिए जीडीए बोर्ड ने प्रति वर्ग किलोमीटर 18 हजार रुपये की दर से भुगतान तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को अभिकरण घोषित करने का प्रस्ताव भी मंजूर कर शासन को भेज दिया।
हालांकि लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं होने पर प्राधिकरण ने स्वयं कंसल्टेंट फर्म के माध्यम से मास्टर प्लान तैयार कराने का फैसला लिया। इसके लिए 3 बार प्रयास विफल हो चुका है। रविवार को तीसरी बार नया विज्ञापन जारी करते हुए 18 जुलाई तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। यदि इस बार भी फर्म नहीं मिलती है तो विस्तारित क्षेत्रों के लोगों का इंतजार और लंबा हो सकता है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि मास्टर प्लान में देरी न हो इसलिए कंसल्टेंट फर्म की मदद से प्लान बनाने की योजना है। फर्म तय होते ही मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
233 गांव और तीन नगर पंचायतें हैं विस्तारित क्षेत्र में वर्ष 2020 में GDA ने अपनी सीमा का विस्तार करते हुए पीपीगंज, मुंडेरा बाजार और पिपराइच नगर पंचायतों के अलावा 233 राजस्व गांवों को अपने अधिकार क्षेत्र में शामिल किया था। इससे प्राधिकरण का क्षेत्रफल लगभग 642 वर्ग किमी हो गया। वर्तमान में लागू महायोजना-2031, 520 वर्ग किमी एरिया आफ इंटरेस्ट पर आधारित है, जिसमें 465 वर्ग किमी जीडीए क्षेत्र शामिल है। शेष 177 वर्ग किमी क्षेत्र का मास्टर प्लान अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।
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विस्तारित क्षेत्र की महायोजना के लिए नहीं मिल रहे कंसल्टेंट:चौथी बार जारी हुआ RFP; भू उपयोग न होने से मानचित्र नहीं पास होते