गोरखपुर में जन्मदिन के अगले दिन युवक की संदिग्ध मौत:फंदे पर मिला शव, हत्या की आशंका पर हंगामा; दो पुलिसकर्मी घायल


गोरखपुर में 30 वर्षीय युवक का शव रविवार दोपहर करीब 2 बजे घर में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव उठाने का विरोध किया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के कारणों पर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा। देखिए तस्वीरें… जानिए पूरा मामला पिपराइच थाना क्षेत्र ककरहिया गांव निवासी ब्रह्मदेव निषाद के बड़े पुत्र पंकज कुमार निषाद (30) ड्राइविंग और साउंड सिस्टम का कार्य करते थे। परिवार में माता-पिता और दो छोटे भाई प्रमोद व पवन निषाद हैं। पंकज की शादी इसी वर्ष 6 फरवरी को पीपीगंज थाना क्षेत्र के चकडीहा गांव निवासी प्रतिमा साहनी (26) से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से पति-पत्नी के बीच विवाद रहने लगा था। उनका आरोप है कि घरेलू मतभेद के चलते पंकज मानसिक तनाव में रहते थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार को पंकज ने अपना जन्मदिन मनाया था। शाम को उन्होंने दोस्तों के साथ समय बिताया और बाद में घर लौट आए। रविवार दोपहर उनका शव घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पिपराइच पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने लगी तो परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए विरोध किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कांस्टेबल सुनील यादव और कांस्टेबल इम्तियाज अहमद घायल हो गए। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई तथा शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी आपराधिक कृत्य की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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