फर्रुखाबाद5 मिनट पहले
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फर्रुखाबाद में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज ने चुनाव लड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। रविवार दोपहर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी चुनाव लड़ने की बात नहीं कही और न ही उनकी ऐसी कोई इच्छा है।
महंत ईश्वर दास ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से ऐसा कोई बयान कभी जारी नहीं किया गया, जिससे इस तरह की अटकलों को बल मिले।
‘संत परंपरा पद नहीं, परम पद की अधिकारी’
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि संतों की परंपरा विशुद्ध होती है और संत किसी सांसारिक पद के अधिकारी नहीं होते। उन्होंने कहा कि संत परंपरा का उद्देश्य समाज और धर्म की सेवा है, न कि राजनीतिक पद प्राप्त करना। उनके शब्दों में, संत ‘पद’ नहीं बल्कि ‘परम पद’ के अधिकारी होते हैं।
नेताओं से मुलाकात को लेकर भी दी सफाई
महंत ने बताया कि वह एक बड़ी संस्था का संचालन करते हैं, जिसमें गुरुकुल और गौशाला शामिल हैं। आश्रम में सैकड़ों संतों और श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। इसी कारण विभिन्न जनप्रतिनिधि और नेता भी आश्रम आते हैं, लेकिन इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नेताओं से उनकी मुलाकात को चुनावी तैयारी से जोड़कर देख लेते हैं, जबकि ऐसा कभी नहीं रहा।
समाज से भ्रम में न आने की अपील
महंत ईश्वर दास ने सनातन धर्मियों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि एक सोशल मीडिया पोस्ट देखने के बाद ही उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्णय लिया। साथ ही कहा कि सभी जनप्रतिनिधि उनके लिए समान हैं और श्रद्धा के साथ आश्रम आते हैं, लेकिन इसका किसी चुनावी मंशा से कोई संबंध नहीं है।
