फीफा वर्ल्ड-कप का दिलचस्प आंकड़ा:हैरी केन-हालेंड के बिना 30% मैच भी नहीं जीत पा रहीं उनकी टीमें; मेसी-रोनाल्डो की टीमें उनके बिना भी मजबूत


2026 फीफा पुरुष वर्ल्ड कप में सुपरस्टार खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 4 मैचों में 7 गोल कर गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन इस टूर्नामेंट में सिर्फ गोलों की नहीं, एक और दिलचस्प कहानी सामने आई है। 2022 वर्ल्ड कप के बाद ये अब तक के आंकड़े बताते हैं कि हर टीम अपने स्टार खिलाड़ी पर बराबर निर्भर नहीं है। आइए जानते हैं किस टीम की जीत अपने सबसे बड़े सितारे पर ज्यादा टिकी है और कौन सी टीम उनके बिना भी ताकतवर है… नॉर्वे नॉर्वे के स्टार प्लेयर अर्लिंग हालेंड के साथ टीम 69% मैच जीतती है, लेकिन उनके बिना जीत का प्रतिशत सिर्फ 25% रह जाता है। हालेंड ने 30 मैचों में 39 गोल किए हैं और 2022 के बाद नॉर्वे के 40% गोल अकेले उनके नाम हैं। टीम ने उनके साथ 74 गोल किए, जबकि उनके बिना सिर्फ 21 गोल ही कर सकी। इंग्लैंड इंग्लैंड की कहानी अलग है। हैरी केन के मैदान पर रहने पर टीम 76% मैच जीतती है, जबकि उनके बिना यह आंकड़ा सिर्फ 29% रह जाता है। 2022 के बाद इंग्लैंड ने केन के साथ 73 गोल किए, जबकि उनके बिना सिर्फ 19 गोल कर पाया। केन अकेले टीम के 32% गोल कर चुके हैं। साफ है कि इंग्लैंड का हमला काफी हद तक अपने कप्तान पर टिका है। अर्जेंटीना अब बात लियोनेल मेसी की। वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के 10 में से 7 गोल मेसी ने किए हैं। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि मेसी के साथ और उनके बिना भी अर्जेंटीना की जीत का प्रतिशत 83 है। मेसी ने 30 मैचों में 25 गोल और नौ असिस्ट किए हैं, लेकिन टीम उनके बिना भी लगातार मैच जीतने में सफल रही है। यानी अर्जेंटीना सिर्फ एक खिलाड़ी के भरोसे नहीं चलती। ब्राजील ब्राजील के लिए विनिसियस जूनियर वर्ल्ड फुटबॉल के बड़े सितारे हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम के साथ उनके आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। दिलचस्प बात यह है कि ब्राजील उनके बिना 63% और उनके साथ सिर्फ 44% मैच जीता है। यानी क्लब फुटबॉल जैसा असर वह अभी तक राष्ट्रीय टीम में नहीं छोड़ पाए हैं। स्पेन स्पेन के लामिने यमाल भविष्य के बड़े खिलाड़ी माने जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्पेन उनके बिना भी मजबूत है। टीम उनके बिना 75% व उनके साथ 71% मैच जीतती है। यमाल ने अब तक स्पेन के कुल गोलों में सिर्फ 6% योगदान दिया है। यमाल के खेलने पर स्पेन ने 59 गोल किए, जबकि उनके बिना टीम ने 54 गोल किए। फ्रांस फ्रांस किलियन एमबापे के साथ 71% मैच जीतता है, जबकि बिना उनके जीत प्रतिशत 50% रह जाता है। एमबापे ने 24 गोल और 17 असिस्ट किए हैं। हालांकि फ्रांस के पास डेम्बेले, माइकल ओलिसे, देजिरे डुए और ब्रैडली बारकोला जैसे कई आक्रामक खिलाड़ी हैं, इसलिए टीम पूरी तरह सिर्फ एमबापे पर निर्भर नहीं दिखती। पुर्तगाल पुर्तगाल में भी तस्वीर कुछ ऐसी ही है। टीम के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 35 मैचों में 27 गोल किए हैं, लेकिन टीम की जीत का प्रतिशत उनके साथ 67% और बिना उनके 63% है। यानी रोनाल्डो अहम हैं, लेकिन पुर्तगाल के पास दूसरे मैच विजेता खिलाड़ी भी मौजूद हैं।

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